भाजपा पार्षद रामू डाबी ने नर्क बना दिया 1 हजार से ज्यादा लोगों का जीवन! प्रधानमंत्री मोदी के सपनों को चकनाचूर कर रही डोसीगांव मल्टी, स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रही धज्जियां, गंदगी में रहने को मजबूर लोग

भाजपा पार्षद  रामू डाबी ने नर्क  बना दिया 1 हजार से ज्यादा लोगों का जीवन! प्रधानमंत्री मोदी के सपनों को चकनाचूर कर रही डोसीगांव मल्टी, स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रही धज्जियां, गंदगी में रहने को मजबूर लोग

रतलाम। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब पांच वर्ष पहले शहर के विभिन्न क्षेत्रों की झुग्गी-बस्तियों से हटाकर 300 से अधिक परिवारों को डोसी गांव मल्टी में बसाया गया था। उस समय गरीब परिवारों को बेहतर जीवन, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाओं का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन आज यही मल्टी नगर निगम की लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण बन गई है। करीब 1200 लोगों की आबादी वाली इस कॉलोनी में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग खुलेआम व्यवस्था को कोसने लगे हैं। भाजपा पार्षद रामू दानी ने इन लोगों के जीवन को नर्क बना दिया है। 

जब इस संबंध में पार्षद रामू डाबी से बात करना चाही तो उन्होंने बाहर होने का बोलकर फोन काट दिया। वार्ड दरोगा से जब सफाई को लेकर जानकारी चाही गई तो वे समय नहीं हे बोलकर टालते रहे और निर्धारित समय देने के बाद अपना फोन बंद कर लिया। इस दौरान वे अपने आंबेडकर जोन पर भी नहीं मिले वहां ताला लगा हुआ था।

रहवासियों का आरोप है कि वार्ड में नियमित रूप से कचरा गाड़ी तक नहीं आती। कई दिनों तक कचरा घरों और गलियों के बाहर जमा रहता है, सीवरेज का पानी भी सड़क  पर निकल रहा हैं। जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैली रहती है। नगर निगम के सफाई कर्मचारी भी इस क्षेत्र में सफाई करने नहीं आते। जिसके कारण गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है।

जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं और नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं।
स्थिति इतनी गंभीर है कि मल्टी परिसर में एक कुत्ता कई दिनों से मृत अवस्था में पड़ा हुआ है, लेकिन उसे उठाने तक की जहमत जिम्मेदारों ने नहीं उठाई। रहवासियों का कहना है कि वार्ड दरोगा को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन इसके बावजूद न तो मृत पशु को हटाया गया और न ही क्षेत्र में सफाई करवाई गई। तेज गर्मी और बदबू के कारण आसपास रहने वाले लोगों का जीना दूभर हो गया है। लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी डर सता रहा है।


स्थानीय रहवासियों का कहना है कि बच्चे गंदगी के बीच खेलने को मजबूर हैं, जबकि बुजुर्ग और महिलाएं लगातार अस्वच्छ वातावरण में जीवन गुजार रहे हैं। मच्छरों और गंदगी के कारण डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
वार्ड क्रमांक 32 के भाजपा पार्षद रामू डाबी को लेकर भी लोगों में भारी नाराजगी दिखाई दे रही है। रहवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद पार्षद कभी मल्टी में आकर समस्याओं का जायजा नहीं लेते। चुनाव के समय किए गए वादे अब केवल भाषणों तक सीमित नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि और नगर निगम के अधिकारी समय रहते ध्यान देते तो आज मल्टी की यह हालत नहीं होती।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को सम्मानजनक जीवन देने का दावा किया गया था, तो फिर इन परिवारों को गंदगी, बदबू और अव्यवस्थाओं के भरोसे क्यों छोड़ दिया गया? डोसी गांव मल्टी की हालत न केवल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन के दावों की भी पोल खोलती नजर आती है।
रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, मृत पशु को नहीं हटाया गया और नियमित कचरा संग्रहण शुरू नहीं हुआ तो वे नगर निगम के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे