सरकार के पास राज्यपाल के कार्यक्रम के भी पैसे नही! ढाई साल से भुगतान के लिए भटक रहा सरपंच, विधायक पाण्डेय ने भी सिर्फ आश्वासन दिया
रतलाम (समीर खान coverstory24.in । जिले की ग्राम पंचायत लालाखेड़ा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत हुए कार्यक्रम का लाखों रुपये का खर्च आज तक अटका हुआ है। हैरानी की बात यह है कि यह कार्यक्रम खुद महामहिम राज्यपाल की मौजूदगी में हुआ था, फिर भी भुगतान के लिए पंचायत को महीनों से चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं इस संबंध में सरपंच ने जावरा विधायक डॉ.राजेन्द्र पाण्डेय को भी कई बार अवगत कराया, लेकिन उन्होने सिर्फ आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लिया। अब सवाल यही उठता है कि क्या जिला प्रशासन या प्रदेश सरकार के पास महामहिम राज्यपाल के कार्यक्रम के लिए भी पैसे नही है या सरकार संवेदनशील नही है।
-ये है पूरा मामला
दरअसल 7 जनवरी 2024 को जावरा की ग्राम पंचायत लालाखेड़ा में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के लिए जावरा विधायक और जिला प्रशासन द्वारा इस बड़े सरकारी कार्यक्रम में पंचायत को पूरी जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए थे। जिसमें करीब साढ़े तीन लाख रुपये से ज्यादा की राशि खर्च हुई थी। अनुसार, करीब 3.64 लाख रुपये का खर्च हुआ, लेकिन दो वर्ष से ज्ण्यादा समय बीतने के बाद भी एक रुपया तक नहीं मिला।

-नीचे से उपर तक फाइलें दौड़ीं, पैसा नहीं मिला
ग्राम पंचायत का आरोप है कि उन्होंने जनपद पंचायत जावरा से लेकर जिला पंचायत रतलाम और भोपाल तक बार-बार पत्राचार किया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।
यहां तक कि 181 पर शिकायत भी दर्ज कराई गई, फिर भी नतीजा सिफर रहा।
अब सवाल ये उठता है कि जब राज्यपाल के कार्यक्रम का भुगतान ही अटका हो, तो आम योजनाओं की हालत क्या होगी?
क्या सरकार सिर्फ बड़े-बड़े कार्यक्रम कर फोटो खिंचवाने तक सीमित है?
क्या ग्रामीण निकायों को आर्थिक बोझ में झोंककर उनकी कार्यक्षमता कमजोर की जा रही है
ग्राम पंचायत ने साफ शब्दों में कहा है कि अब और देरी बर्दाश्त नहीं होगी। जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आगे उग्र कदम उठाए जा सकते हैं। बड़ा सवाल यह है की कार्यक्रम करवाने के बाद भुगतान क्यों अभी तक नहीं हुआ ? यह मामला अब प्रशासनिक लापरवाही या सिस्टम की नाकामी से बढक़र जवाबदेही का मुद्दा बनता जा रहा है।
