घटिया निर्माण पर मंत्री काश्यप का सर्जिकल स्ट्राइक: 17 करोड की जावरा फाटक -सेजावता फोरलेन निर्माण की होगी उच्च स्तरीय जांच, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर गिरेगी गाज!
रतलाम। (समीर खान coverstory24)। करोड़ों की लागत से बनी जावरा फाटक-सेजावता फोरलेन सडक़ निर्माण में हुए घटिया निर्माण को लेकर मंत्री काश्यप ने संज्ञान लिया है। सडक़ निर्माण का काम बेहद घटिया स्तर का होने और लगातार उखडऩे को लेकर 4 फरवरी 2026 को coverstory24 न्यूज चेनल द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। जिससे शासन-प्रशासन में हडक़ंप मच गया था। कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को दिए थे। इसके साथ ही मंत्री काश्यप द्वारा लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह को भी इस घटिया निर्माण के बारे में जानकारी देते हुए अवगत कराया था। मंत्री श्री सिंह ने तत्काल घटिया निर्माण को संज्ञान में लेते हुए विभाग से जाँच कराने हेतु आश्वस्त किया था। विभाग ने सडक निर्माण कार्य की गुणवत्ता जाँच के लिए एक समिति का गठन कर दिया है। जिसमें प्रभारी मुख्य अभियंता (भवन) लोक निर्माण विभाग इंदौर परिक्षेत्र एस.आर. गोरखेडे को अध्यक्ष बनाया गया है। सदस्य के रूप में मयंक शुक्ला प्रभारी अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग राजधानी परिक्षेत्र भोपाल एवं गणेश प्रसाद पटेल अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण विभाग उज्जैन मंडल को शामिल किया गया है। समिति को पांच दिन में फोरलेन सीसी रोड निर्माण कार्य की जाँच पूर्ण कर जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। घटिया निर्माण की उच्च स्तरीय जांच मंत्री काश्यप की सर्जिकल स्ट्राइक मानी जा रही है। वहीं अब ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।
गौरतलब है कि जावरा फाटक अंडर ब्रिज से सेजावता फंटा तक करीब 17 करोड़ की लागत से फोरलेन का निर्माण किया जाना था। जिसकी दूरी करीब 4.12 किमी. थी। इस फोरलेन को दो हिस्सों में बनाया गया है। जिसमें आधा रोड डामर और आधा सीमेंट कांक्रीट से बनाया गया है। इस निर्माण के दौरान ही 4 फरवरी को 2026 को coverstory24 न्यूज द्वारा घटिया निर्माण की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था और इस संबंध में मंत्री काश्यप को भी अवगत कराया गया था और इसी खबर को गंभीरता से लेते हुए मंत्री काश्यप ने इस घटिया निर्माण पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए इस रोड की जांच उच्च स्तरीय अधिकारियों से करवाने के निर्देश जारी किए गए है।


इस फोरलेन की खामियों और घटिया स्तर के निर्माण को लेकर पीडब्ल्यूडी के ईई महेन्द्र चौहान और एसडीओ पीके राय को भी अवगत कराया गया थस लेकिन उनके द्वारा घटिया निर्माण पर कोई संज्ञान नही लिया और ठेकेदार द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार पर पर्दा डालते हुए निर्माण उच्च स्तर का बताया गया। ना ही इस और कोई ध्यान दिया गया।

4 फरवरी को ये खबर प्रकाशित की थी
रतलाम। रतलाम विधायक और मंत्री काश्यप द्वारा शहर को महानगर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे। इसी के तहत शहरवासियों को विकास के नाम पर सौगात देने ओर यातायात सुगम बनाने के लिए 17 करोड़ की लागत से जावरा फाटक अंडरब्रिज से सेजावता तक फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। ये फोरलेन दो हिस्सों में बनाया गया है जिसमें आधा सीमेंट और आधार डामर का बनाया जा रहा है। यह काम पीडब्ल्यूडी विभाग की देखरेख में किया जा रहा है लेकिन मंत्री काश्यप के विकास में ठेकेदार कंपनी और के अधिकारियों द्वारा घटिया निर्माण कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है जिसका नतीजा यह रहा कि निर्माण के दौरान ही ये फोरलेन कई जगह से उखडऩे लगा है। इसके साथ ही दो साल बाद भी ये रोड़ पुरा नही हुआ है और अब तक 2 दर्जन से अधिक स्थानों तक पेंचवर्क किया जा चुका हैं। ठेकेदार और पीडके अधिकारियों द्वारा अपेन भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए फोरलेन पर लीपापोती की जा रही है। लेकिन ये निर्माण इतना घटिया स्तर का है कि सीमेंट और डामर दोनों ही रोड़ थोड़े समय में उखड़ रहे है। जिससे इसमें भारी भ्रष्टाचार दिखाई दे रहा है। वहीं pwd के जिम्मेदारो द्वारा इस घटिया निर्माण पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। इस संबंध में कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन उनके द्वारा कोई ध्यान नही दिया गया।

उल्लेखनीय है कि रतलाम शहर को महानगर बनाने के लिए शहर विधायक और मंत्री चेतन्य काश्यप लगातार प्रयास कर रहे है। जिसके तहत शहर को जोडऩे वाले चारों फोरलेन बनाए गए है। शहर के प्रवेश मार्गों में बांसवाड़ा से रतलाम-सैलाना रोड फोरलेन है। इंदौर से रतलाम की तरफ सालाखेडी रोड फोरलेन है। बाजना से रतलाम की तरफ आने वाला सागोद रोड फोरलेन है। लेकिन चौथा फोरलेन जो कि जावरा फाटरक अंडर ब्रिज से लेकर सेजावता तक बनना था यह जिम्मेदारों की अनदेखी और मिलीभगत से घटिया स्तर का बनाया जा रहा है। फोरलेन का निर्माण लगभग पूरा होने वाला हे लेकिन इसके निर्माण के शुरुआती से ये रोड विवादों में रहा है. कई जगह इस रोड को पेंचवर्क कर दोबारा बनाया जा चुका हैं और कई जगह इस पर डामर किया जा चुका है लेकिन फिर भी ये रोड़ थोड़े समय में उखड़ रहा है।
गौरतलब है कि शहर को जोडऩे वाले प्रमुख मार्गो को जोडऩे वाले प्रवेश मार्ग फोरलेन में तब्दील हो रहे है जिसके तहत ही जावरा फाटक अंडरब्रिज से डोसीगांव होते हुए सेजावता फंटे तक फोरलेन बनाना शुरु किया गया था और लोगों को गड्ढे से मुक्ति मिलने की संभावना थी लेकिन जिस प्रकार से ये फोरलेन बनाया गया है उससे कुछ ही समय में वापस गड्ढे बन गए है।

-दो दर्जन से अधिक जगह पेंचवर्क और उखाडक़र बनाया रोड़
फोरलेन निर्माण के दौरान ही सीमेंट और डामर रोड़ कई जगह से खराब हो गया। जिसे वापस रिपेयर किया जा चुका है। सीमेंट रोड़ भी कई जगह से खराब हो गया है जिसे पेंचवर्क कर सुधारा गया है। मौसम की पहली बारिश में कई जगह से उखडऩे पर इसे प्लास्टर कर सुधारा जा चुका है। वही डामर रोड़ में भी कई जगह गड्ढे हो गए थे, जिसे सुधारा गया और पेंचवर्क किया गया। कई जगह तो डामर बैठ गया जिसे सही किया गया है। वहीं सीवरेज के लिए बनाए गए ढक्कर भी टूट चुके है जिसको भी वापस रिपेयर किया गया है।

-7 मीटर से 14 मीटर का बनाया गया फोरलेन
जावरा फाटक अंडरब्रिज से सेजावता फंटे तक बनने वाला फोरलेन 14 मीटर का बनाया गया है। पहले ये रोड़ 7 मीटर चौडा था जिसे बढाकर 14 मीटर किया गया है। फोरलेन बनने के बाद ये 14 मीटर का रोड हो गया है। दोनों तरफ 7-7 मीटर रोड बनाया गया है। इसके बीच में डिवाइडर भी बनाया गया है और सेन्ट्रल लाइटिंग भी की गई है। फोरलेन दो हिस्सों में बनाया गया है। आधा सीसी और आधा डामर बना है। शहरी क्षेत्र में सीसी रोड बनाया गया है और मछीन मार्केट से आगे वाला हिस्सा डामर का बनाया गया है।

Pwd के ईई महेन्द्र चौहान झाड़ रहे पल्ला, फोन तक नही उठा रहे
फोरलेन निर्माण को लेकर pwd विभाग के ईई महेन्द्र चौहान से जानकारी लेने के लिए जब कई बार फोन लगाया तो उन्होने फोन तक नही उठाया, करीब 15 दिन तक संपर्क करने की कोशिश की गई तो वे ना सिर्फ फोन उठा रहे बल्कि कार्यालय में भी उपस्थित नही हो रहे। विभागीय कर्मचारियों से पूछने पर फील्ड में होने का बहाना बना रहे। इसके साथ ही व्हाटसअप पर मैसेज करने पर भी हमेशा शहर और जिले से बाहर होने का बहाना बनाते हुए मामले से पल्ला झाड़ रहे। इसके साथ ही विभाग के एसडीओ प्रमोद कुमार राय से भी संपर्क करने की कोशिश की गई तो वे भी ना तो कार्यालय पर मिल रहे और ना ही फोन उठा रहे,साथ ही रोड गुणवत्तायुक्त होने का दावा कर के रहे हैं। मामले को लेकन विभाग के इंजीनियर कटारा से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि रोड़ का काम बेहतर तरीके से किया जा रहा है और कही भी घटिया निर्माण नही हुआ है और जो उखड़ा है उसे रिपेयर करवाया जा रहा है साथ ही ठेकेदार पर कई बार लेट काम करने पर जुर्माना किया जा चुका है। फिलहाल रोड़ अभी पूरा नही हुआ है और इसे पूर्णता: प्रमाण पत्र भी नही दिया गया है।

-7 मीटर से 14 मीटर का बनाया गया फोरलेन
जावरा फाटक अंडरब्रिज से सेजावता फंटे तक बनने वाला फोरलेन 14 मीटर का बनाया गया है। पहले ये रोड़ 7 मीटर चौडा था जिसे बढाकर 14 मीटर किया गया है। फोरलेन बनने के बाद ये 14 मीटर का रोड हो गया है। दोनों तरफ 7-7 मीटर रोड बनाया गया है। इसके बीच में डिवाइडर भी बनाया गया है और सेन्ट्रल लाइटिंग भी की गई है। फोरलेन दो हिस्सों में बनाया गया है। आधा सीसी और आधा डामर बना है। शहरी क्षेत्र में सीसी रोड बनाया गया है और मछीन मार्केट से आगे वाला हिस्सा डामर का बनाया गया ह

मंत्री के पीए मणीलाल जैन को भी घटिया निर्माण की जानकारी
फोरलेन निर्माण में हुए भ्रष्टाचार को लेकर मंत्री काश्यप के पीए मणीलाल जैन को भी अवगत कराया गया था, जिस पर उन्होने ठेकेदार और अधिकारियों को समझाईश देने की बात कही गई थी, लेकिन मणीलाल जैन के द्वारा इस पर कोई विशेष ध्यान नही दिया गया जिसके कारण ये रोड़ पूरी तरह से घटिया स्तर का बन गया और कई जगह से क्रेक होने के साथ ही उखडऩे भी लगा है।

