रतलाम में NCB की रेड, 2 लोग हिरासत में, अल्प्राजोलम बनाने वाली अवैध प्रयोगशाला सील , आरोपितो को कोर्ट में पेश कर इंदौर ले गई NCB
रतलाम। हैदराबाद तथा इंदौर की NCB टीम ने रतलाम से अल्प्राजोलम बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। टीम के द्वारा फैक्ट्री सील कर दी गई है और 2 लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। रविवार दोपहर दोनों आरोपितों का मेडिकल करवाकर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें टीम पूछताछ के लिए इंदौर लेकर गई। बताया जा रहा है कि रतलाम में अवैध रूप से अल्प्राजोलम बनाने की प्रयोगशाला की सूचना मिली थी जिसके तहत यह कार्यवाही की गई है ।

जानकारी के अनुसार एनसीबी इंदौर ने रतलाम (मध्य प्रदेश) में अल्प्राज़ोलम बनाने वाली अवैध प्रयोगशाला का भंडाफोड़ किया हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के "ड्रग फ्री इंडिया (नशा मुक्त भारत)" के संकल्प और गृह मंत्री के निर्देशों के अनुरूप, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने अल्प्राज़ोलम की अवैध तैयारी में संलग्न एक गुप्त प्रयोगशाला को ध्वस्त करने में सफलता प्राप्त की है। टीम के द्वारा औद्योगिक थाना अंतर्गत ग्राम सजेवता, मऊ-नीमच रोड, स्थित इप्का लेबोरेट्री के पास एक गुप्त प्रयोगशाला पर छापा मारकर अल्प्राज़ोलम पाउडर का अवैध निर्माण का भंडाफोड़ किया हैं।

एनसीबी टीमों ने संदिग्ध स्थान और तस्करों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी हुई थी। टीम के द्वारा करीब 13.762 किलोग्राम अल्प्राज़ोलम जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹3.44 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। NCB ने मौके से रूपसिंह (51) और अभिजीत सिंह चौहान (39) को गिरफ्तार किया है।

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि दोनों अभियुक्तों ने अपनी फ़ार्मास्यूटिकल पृष्ठभूमि और उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग करते हुए एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत नियंत्रित साइकोट्रॉपिक पदार्थ अल्प्राज़ोलम का अवैध निर्माण किया। वे जनवरी 2025 से ग्राम सेजावता के समीप स्थित किराए के गोदाम में यह अवैध निर्माण कर रहे थे।
अभियुक्तों के आपूर्ति तंत्र, वित्तीय लेन-देन एवं संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

प्रयोगशाला से भारी मात्रा में मिली सामग्री और संयंत्र
Ncb की रेड में प्रयोगशाला से नशीले पदार्थ के अतिरिक्त, गुप्त प्रयोगशाला में उपयोग किए जा रहे उपकरण भी जब्त किए जैसे राउंड बॉटम फ्लास्क, ऑयल बाथ, कंडेंसर, स्टिरर, थर्मामीटर आदि। साथ ही, निम्न रासायनिक पदार्थ और सॉल्वेंट्स भी बरामद किए गए।
एथाइल एसीटेट (7.5 लीटर), आइसोप्रोपाइल अल्कोहल (2.5 लीटर), टोल्यून (2.5 लीटर), मेथेनॉल (40 लीटर)
क्लोरोफॉर्म (7.5 लीटर), ग्लेशियल एसिटिक एसिड (500 मि.ली.), हाइड्रोक्लोरिक एसिड (500 मि.ली.)
मैग्नीशियम सल्फेट (500 मि.ग्रा.
गिरफ्तार आरोपितों का ये है बैकग्राउंड
Ncb की टीम ने अभियान के दौरान दो व्यक्तिर्यों को गिरफ्तार किया गया जो इस अवैध निर्माण में शामिल थे।
जिनकी पहचान रूप सिंह चौहान (51 वर्ष) श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड साइंस, इंदौर से बी.टेक स्नातक। इसने पहले विल्सन फार्मा (धार) और श्रीधारा लाइफ साइंसेज प्रा.लि. (रुड़की) जैसे कई फ़ार्मास्यूटिकल उपक्रम संचालित किए। इसके विरुद्ध वर्ष 2021 में तेलंगाना राज्य आबकारी विभाग द्वारा अल्प्राज़ोलम की वाणिज्यिक मात्रा की अवैध तस्करी का एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें ये संगारेड्डी जेल में कारावास भुगत चुके हैं। वर्तमान में ये जमानत पर रिहा थे।
वहीं दूसरे आरोपित का नाम अभिजीत सिंह चौहान (39 वर्ष) ऋषिराज कॉलेज ऑफ फ़ार्मेसी, इंदौर से बी. फार्मा स्नातक। पहले इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, रतलाम से जुड़े हुए थे, बाद में रूप सिंह चौहान के साथ मिलकर फ़ार्मास्यूटिकल एवं आयुर्वेदिक उत्पादों के व्यवसाय में साझेदार बने।
क्या है अल्प्राजोलम
अल्प्राज़ोलम एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत एक नियंत्रित औषधि है, जिसका उपयोग अक्सर मनोरंजनात्मक नशे के रूप में दुरुपयोग किया जाता है। इसका प्रयोग ताड़ी (Telangana एवं आंध्र प्रदेश) और हेरोइन (राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं आसपास के क्षेत्रों) में मिलावट के लिए भी किया जाता है, जिससे मुनाफे की दर बढ़ाई जाती है।

