नगर निगम सम्मेलन में सावरकर पर टिप्पणी से मच गया बवाल, भाजपा ओर कांग्रेस पार्षद हुए आमने सामने, दोनों पक्षों ने फूंके पुतले, कांग्रेस पार्षद को बाहर करने पर विपक्ष ने किया बॉयकॉट, महापौर ने चूड़ियां फेंकी

नगर निगम सम्मेलन में सावरकर पर टिप्पणी से मच गया बवाल, भाजपा ओर कांग्रेस पार्षद हुए आमने सामने, दोनों पक्षों ने फूंके पुतले, कांग्रेस पार्षद  को बाहर करने पर विपक्ष ने किया बॉयकॉट, महापौर ने चूड़ियां फेंकी

​रतलाम। नगर निगम के बजट सम्मेलन में बाजार एजेंडे पर चर्चा के दौरान पक्ष विपक्ष ने एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाए। लेकिन इस बीच कांग्रेस पार्षद द्वारा वीर सावरकर पर की गई टिप्पणी को लेकर सदन में हंगामा मच गया। ओर जमकर नारेबाजी हुई, इस बीच कांग्रेस और भाजपा पार्षद एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नजर आए।  मामले की गंभीरता को देखते हुए जहाँ सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, वहीं नगर निगम के बाहर भाजपा ने कड़ा विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस  पार्षद दल का पुतला दहन कर दिया। इस बीच सदन का दूसरा सत्र भी हंगामे  के साथ शुरू हुआ। यहां भाजपा पार्षदो ने कांग्रेस पार्षद सलीम बागवान को निष्कासित  करने की मांग की। इस दौरान फिर हंगामा शुरू हो गया। ओर दोनों ओर से नारेबाजी शुरू हो गई। ईसी दौरान भाजपा महिला पार्षदो ने कांग्रेस पार्षद को चिड़िया दिखाई। वही कांग्रेस महिला पार्षदो ने भी महापौर को चूड़ियां दी जिस पर महापौर ने चूड़ियां फेंक दी।

दरअसल मंगलवार को रतलाम निगर निगम के ​सम्मेलन में बजट प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। इस दौरान कांग्रेस पार्षद सलीम बागवान के एक बयान से सदन में हंगामा मच गया। अपने भाषण के दौरान बागवान ने वीर सावरकर को 'देशद्रोही' कह दिया। इस टिप्पणी के आते ही सत्ता पक्ष (भाजपा) के पार्षद भड़क उठे और सदन के बीचों-बीच आकर विरोध शुरू कर दिया।
​दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी के कारण माहौल इतना गरमा गया कि सभापति और महापौर की शांति की अपीलें बेअसर रहीं। अंततः, सदन में व्यवस्था न बनते देख कार्यवाही को रोक कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया गया।

वीर सावरकर पर की गई टिप्पणी को लेकर ​महापौर प्रह्लाद पटेल और सभी भाजपा पार्षद सड़क पर उतरकर नारेबाजी करने लगे। भाजपा पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के बाहर कांग्रेस पार्षद सलीम बागवान और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन कर दिया। ​प्रदर्शन के दौरान महापौर प्रहलाद पटेल ने कड़े लहजे में कहा ​"राष्ट्रभक्तों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वीर सावरकर जैसे महान व्यक्तित्व के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना कांग्रेस की तुष्टीकरण की मानसिकता को दर्शाता है।"
वही बजट का दूसरा सत्र भी हंगामे के साथ शुरू हुआ। यह भाजपा और कांग्रेस फिर से हंगामा करने लगे। इस दौरान भाजपा महिला पार्षदों ने कांग्रेसी पार्षदों को चूड़ियां दिखाई और नारेबाजी की। हंगामा बढ़ता देख कांग्रेस प्रदेश यास्मीन शेरानी भी महापौर के पास चूड़ियां लेकर पहुंची और  उनको चूड़ियां भेंट की जिससे नाराज होकर महापौर प्रह्लाद पटेल ने चूड़ियां फेंक दी। 

​राजनीतिक हलचल तेज
​इस घटनाक्रम के बाद शहर का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। जहाँ एक ओर भाजपा इसे राष्ट्रभक्तों का अपमान बता रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया का इंतजार है। इस विवाद ने निगम की आगामी कार्यवाहियों पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं।