सकारात्मक पत्रकारिता सशक्त, संस्कारित और समृद्ध समाज की पहचान - मीडिया स्नेह मिलन में पत्रकारिता की भूमिका पर मंथन, कहा- सत्य के साथ समाधान और प्रेरणा का मार्ग दिखाना भी जरूरी
रतलाम : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के दिव्य दर्शन भवन डोंगरे नगर सेवा केंद्र पर ‘सकारात्मक मीडिया : सशक्त समाज की आधारशिला’ विषय पर मीडिया स्नेह मिलन कार्यक्रम हुआ। इसमें जिले के मीडियाकर्मी शामिल हुए। शुभारंभ दीप प्रज्वलन और ईश्वरीय स्मृति के साथ किया गया। इसके माध्यम से समाज में ज्ञान, सत्य और सकारात्मक चेतना के प्रसार का संदेश दिया गया।
मुख्य वक्ता माउंट आबू से आई ज्ञानामृत मासिक पत्रिका की संपादक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला बहन ने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसके भविष्य का निर्माता भी है। पत्रकारिता घटनाओं के संकलन तक सीमित नहीं है, बल्कि जनमानस की सोच, संस्कार और सामाजिक चेतना को दिशा देने का सशक्त माध्यम है। वर्तमान दौर में मीडिया की जिम्मेदारी बढ़ी है। भय, तनाव और नकारात्मकता से जुड़ी खबरों के साथ आशा, प्रेरणा, सेवा, मानवीय संवेदनाओं और सकारात्मक बदलाव की कहानियों को भी महत्व मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सकारात्मक पत्रकारिता का अर्थ सच्चाई छिपाना नहीं, बल्कि सत्य के साथ समाधान और प्रेरणा का मार्ग दिखाना है। निष्पक्षता, संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक दृष्टिकोण के साथ पत्रकारिता राष्ट्र निर्माण का शक्तिशाली माध्यम बन सकती है। समाज को ऐसे पत्रकारों की आवश्यकता है, जो लेखनी और कैमरे के माध्यम से मानवता, सद्भाव, नैतिकता तथा मूल्यों को प्रोत्साहित कर विश्वास और आशा का वातावरण बनाए। आध्यात्मिकता विचारों को श्रेष्ठ बनाती है और श्रेष्ठ विचार ही श्रेष्ठ पत्रकारिता की नींव हैं। शांत, संतुलित और मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता समाज को जोडऩे और सकारात्मक परिवर्तन लाने में प्रभावी हो सकती है।
इंदौर से आई ब्रह्माकुमारीज मीडिया विंग की कोर कमेटी सदस्य ब्रह्माकुमारी अनिता बहन ने कहा कि मीडिया और अध्यात्म का उद्देश्य मानव जीवन में जागृति, नैतिकता और मानवीय मूल्यों का विकास करना है। उन्होंने पत्रकारों से सेवा, सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, महिला सशक्तीकरण, युवा जागृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़े विषयों को अधिक स्थान देने का आग्रह किया।
सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता बहन ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराते हुए इसे तनावमुक्त, संतुलित और प्रभावशाली जीवन का सरल माध्यम बताया। समापन पर पत्रकारों को ईश्वरीय सौगात भेंट की गई। श्रीनाथ योगी ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक महिमा पर आधारित गीत प्रस्तुत किया। संचालन ब्रह्माकुमारी आरती बहन ने किया।
