रतलाम मंडल के बामनिया स्टेशन पर यात्रियों का हंगामा, इंजन पर चढ़े यात्री, घंटों इंतजार के बाद भी ट्रेन रवाना नहीं होने से थे नाराज, दूसरी ट्रेन को भी आगे नहीं बढ़ने दिया
बामनिया (झाबुआ)/रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल अंतर्गत आने वाले बामनिया रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को यात्रियों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब मुंबई से दिल्ली की ओर जा रही पश्चिम एक्सप्रेस को सुबह करीब 5 बजे से स्टेशन पर ही रोक दिया गया। यात्रियों का आरोप है कि कई घंटों तक ट्रेन खड़ी रही, लेकिन रेलवे प्रशासन की ओर से देरी का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। वही अन्य ट्रेन को रवाना कर दिया गया, इससे नाराज यात्रियों ने ट्रेन के इंजन के आगे चढ़कर ओर रेलवे ट्रैक पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और दूसरी ट्रेन को भी आगे नहीं बढ़ने दिया। हंगामे की सूचना पर RPF ने मोर्चा संभाला और यात्रियों को समझाइश दी। वही इस मामले में DRM का कहना है कि मुंबई सेंट्रल मंडल तरफ अत्यधिक वर्षा होने और ट्रैक पर पानी आने के कारण ट्रेनें रोकी गई है जो जल्द ही रवाना कर दी जाएगी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घंटों ट्रेन खड़ी रखने के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कई यात्री इंजन पर चढ़ गए और रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।यात्रियों का कहना है कि सुबह से ही ट्रेन बामनिया स्टेशन पर खड़ी है। बार-बार पूछने के बावजूद उन्हें यह नहीं बताया गया कि ट्रेन आखिर किस कारण से रोकी गई है। उनका आरोप है कि बिना सूचना और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के घंटों तक यात्रियों को परेशान किया गया, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। दूसरी ट्रेन को आगे बढ़ने से रोके जाने के कारण रेलवे अधिकारियों को स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े। RPF और रेलवे अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यात्री इंजन पर चढ़कर नारेबाजी करते और ट्रैक पर प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं।
फिलहाल ट्रेन को लंबे समय तक रोके जाने के कारणों को लेकर drm ने अपना पक्ष रखा हे ओर बताया कि मामला संज्ञान में आया हे और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

इसके साथ ही रतला मंडल के आसपास स्टेशन पर खड़ी यात्री गाड़ियों में यात्रियों की परेशानी को देखते हुए खाने पीने की व्यवस्था भी करवाई गई है। जिसमें यात्रियों को केले, पोहे और अन्य सामग्री वितरित की गई।
