रतलाम में NSUI सहित विभिन्न संगठनों का छात्र का आंदोलन, पुलिस ने बेरिकेट्स लगाकर रोका, वाटर कैनन चलाया, जमकर हुई नारेबाजी

रतलाम में NSUI सहित विभिन्न संगठनों का  छात्र का आंदोलन, पुलिस ने बेरिकेट्स लगाकर रोका, वाटर कैनन चलाया, जमकर हुई नारेबाजी

रतलाम।  रतलाम में नीट परीक्षा सहित छात्रों की विभिन्न मांगो को लेकर पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान एनएसयूआई, राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ (NEYU)सहित विभिन्न संगठन के युवा मौजूद थे। आंदोलन को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। वही मंत्री काश्यप के घर के बाहर बैरीकेट्स लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया।

 छात्र हितों को लेकर किए गए आंदोलन की शुरुआत दो बत्ती चौराहे से हुई, जहां बड़ी संख्या में छात्र और युवा एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, रोजगार और छात्र सुविधाओं समेत 21 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। छात्रों ने दो बत्ती से मंत्री चेतन्य काश्यप के कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर रास्ते में बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई। वही स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। इस दौरान nsui के नेता और छात्र बेरीकेट्स पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। काफी देर बाद sdm को राज्यपाल के नाम संबोधित 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इसके साथ ही छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान एएसपी राकेश पन्द्रो सहित कई थानों के निरिक्षक सहित प्रशासनिक अमला मौजूद था।

21 सूत्रीय मांगो में प्रमुख मांग लीड कॉलेज मे हॉस्टल की व्यवस्था,प्राइवेट कॉलेज और स्कूल मे फीस पर लगाम कसना थी।

इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर जेल वाहन में भी बैठा दिया गया। हालांकि बाद में पुलिस ने सभी को छोड़ दिया। बाद में एसडीएम को राज्यपाल के नाम संबोधित 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।

आंदोलन में ये थे मौजूद

शिक्षा को लेकर हुए छात्र आंदोलन में nsui जिलाध्यक्ष निलेश शर्मा, मयंक जाट, नदीम मिर्जा, राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ जिलाध्यक्ष महेश मालवीय, अर्पित चौधरी सहित बड़ी संख्या में छात्र ओर युवा मौजूद थे।