दो बत्ती चौपाटी विवाद,: स्ट्रीट वेंडर्स को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अंतरिम संरक्षण जारी, निगम को जवाब के लिए तीन सप्ताह की मोहलत, 5 अक्टूबर तक बढ़ा स्टे

दो बत्ती चौपाटी विवाद,: स्ट्रीट वेंडर्स को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अंतरिम संरक्षण जारी, निगम को जवाब के लिए तीन सप्ताह की मोहलत, 5 अक्टूबर तक बढ़ा स्टे

रतलाम। दो बत्ती चौपाटी के हाथ ठेला एवं फूड व्यवसायियों को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ से बड़ी राहत मिली है। फूड ठेला व्यापारी एसोसिएशन की ओर से दायर मामले में न्यायालय ने पूर्व में दिए गए अंतरिम संरक्षण को आगे भी जारी रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं नगर निगम द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कोर्ट ने निगम को जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है।
मामले में फूड ठेला व्यापारी एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता मो. रिजवान खान ने प्रभावी पैरवी करते हुए वेंडर्स का पक्ष मजबूती से न्यायालय के सामने रखा। 31 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ, जबकि नोटिस की तामील हो चुकी थी। इसके बाद न्यायालय ने निगम को जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया और पूर्व में दिया गया अंतरिम संरक्षण जारी रखा।
19 अगस्त को मिला था अंतरिम संरक्षण
गौरतलब है कि 19 अगस्त को हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध किसी भी दमनात्मक कार्रवाई पर अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। 31 अगस्त की सुनवाई में भी यह संरक्षण बरकरार रखा गया। यानी फिलहाल न्यायालय के अगले आदेश तक वेंडर्स के खिलाफ उस कार्रवाई पर रोक का संरक्षण जारी रहेगा, जिसे लेकर विवाद चल रहा है।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि नगर निगम निर्धारित तीन सप्ताह में अपना जवाब दाखिल नहीं करता है तो जवाब प्रस्तुत करने का उसका अधिकार समाप्त किया जा सकता है और फिर उपलब्ध दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड के आधार पर मामले की सुनवाई की जा सकती है।
मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होने वाले सप्ताह में निर्धारित की गई है।
अधिवक्ता रिजवान खान की पैरवी से मिली बड़ी राहत
इस पूरे मामले में अधिवक्ता मो. रिजवान खान की पैरवी खास तौर पर महत्वपूर्ण रही। वेंडर्स की ओर से उन्होंने न्यायालय के समक्ष उनकी आजीविका, अधिकारों और चौपाटी से जुड़े विवाद का पक्ष रखा। लगातार न्यायिक प्रक्रिया में मामले को मजबूती से आगे बढ़ाने के चलते फिलहाल ठेला व्यवसायियों को राहत मिली है।
अधिवक्ता रिजवान खान का कहना है कि मामला केवल स्थान को लेकर नहीं, बल्कि उन छोटे व्यवसायियों की रोजी-रोटी और वैधानिक अधिकारों से जुड़ा है, जिनका परिवार वर्षों से फूड ठेला व्यवसाय पर निर्भर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेंडर्स के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
दूसरी जगह पर जाने को तैयार नहीं वेंडर्स
फूड ठेला व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उनका कहना है कि उन्हें दो बत्ती चौपाटी पर ही जगह चाहिए, वे दूसरी जगह जाने के पक्ष में नहीं हैं।
इधर नगर निगम ने सिविक सेंटर क्षेत्र में चौपाटी के लिए वैकल्पिक स्थान तैयार किया है। यहां जगह समतल करने के साथ पौधे लगाए गए हैं और लाइटिंग का काम भी किया जा रहा है। निगम की ओर से इसे व्यवस्थित चौपाटी के रूप में विकसित करने की तैयारी है। हालांकि वेंडर्स का कहना है कि जब मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है तो अंतिम स्थिति न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब नजर 5 अक्टूबर की सुनवाई पर
हाईकोर्ट के आदेश के बाद फिलहाल गेंद नगर निगम के पाले में है। निगम के पास जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय है और अगली सुनवाई अक्टूबर के पहले सप्ताह में होगी। ऐसे में अब सभी की नजर 5 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह की सुनवाई पर रहेगी, जहां निगम के जवाब और पूरे विवाद की आगे की दिशा तय हो सकती है।