रत्तागढ़खेड़ा में गरमाया गौशाला का विवाद, तहसीलदार के आदेश के बाद भड़का आक्रोश, ग्रामीणों ने दिया कलेक्टर के नाम ज्ञापन
रतलाम।रतलाम ग्रामीण तहसील के ग्राम रत्तागढ़खेड़ा में सिन्धुअवतरणि पुस्तकालय सेवा समिति द्वारा संचालित गौशाला को अतिक्रमण बताकर हटाने के तहसीलदार के आदेश के बाद विवाद गरमा गया है। तहसीलदार रतलाम ग्रामीण द्वारा 20 फरवरी 2026 और 18 अगस्त 2026 को जारी आदेश एवं सूचना पत्र को लेकर ग्रामीणों और गौरक्षकों में नाराजगी है। गुरुवार को समिति अध्यक्ष महर्षि गुलाब गोकरण के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए गौशाला पर प्रस्तावित कार्रवाई तत्काल रोकने की मांग की।

कलेक्टर के नाम दिए गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि गौशाला पिछले कई वर्षों से संचालित हो रही है और इसमें मूक पशुओं की देखभाल की जा रही है। समिति के अनुसार गौशाला का विद्युत बिल भुगतान और समिति का पंजीयन नियमानुसार है तथा इसकी जानकारी ग्राम पंचायत एवं संबंधित स्तरों पर भी दर्ज है। ग्रामीणों ने कहा कि गौशाला से पूरे गांव की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है और इसका संचालन ग्रामवासियों के सहयोग से किया जा रहा है।
कार्रवाई हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा गौशाला के निर्माण को हटाने या वहां मौजूद पशुओं को विस्थापित करने की कार्रवाई की गई तो ग्रामीणों के सामने मूक पशुओं के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि गौशाला के खिलाफ कार्रवाई की गई तो गांव के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उनका कहना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले समिति और ग्रामीणों को अपना पक्ष रखने तथा वैधानिक उपाय अपनाने का अवसर दिया जाना चाहिए।
आदेश पर स्थगन की मांग
कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों और समिति ने तहसीलदार रतलाम ग्रामीण के आदेश के पालन में होने वाली किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर आगामी आदेश तक तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही समिति को अपने पक्ष में आवश्यक वैधानिक उपचार प्राप्त करने का अवसर देने की मांग की गई।
