बाजना के एकलव्य छात्रावास के सैकड़ों विद्यार्थियों का 70 किलोमीटर पैदल मार्च का प्रयास, तहसीलदार ने रास्ते में रोककर सुनी समस्याएं, आश्वासन के बाद लौटे, पानी की किल्लत और भोजन की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
रतलाम। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र बाजना में शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के दावे किए जाते हैं, लेकिन जब छात्रावास में रहने वाले बच्चों को पानी ओर भोजन जैसी बुनियादी सुविधा के लिए परेशान होना पड़े और अपनी आवाज जिम्मेदारों तक पहुंचाने के लिए करीब 70 किलोमीटर पैदल निकलना पड़े, तो व्यवस्थाओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

रतलाम जिले की बाजना तहसील स्थित आदर्श एकलव्य छात्रावास स्कूल के सैकड़ों विद्यार्थियों ने छात्रावास में पानी की समस्या और भोजन की गुणवत्ता को लेकर मोर्चा खोल दिया। अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग करते हुए विद्यार्थी बाजना से रतलाम की ओर पैदल निकल पड़े, जब इसकी सूचना जिम्मेदारो को लगी तो वे दौड़ते हुए बच्चों को बीच पर रोककर समस्या जानने का प्रयास करने लगे। मार्च पर निकल पड़े। तहसीलदार कुलभूषण शर्मा ने रास्ते में ही समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया जिसके बाद विद्यार्थी वापस छात्रावास लौट गए।

विद्यार्थियों ने तहसीलदार को बताया कि छात्रावास में पानी की समस्या गंभीर है। पानी की कमी के कारण रोजमर्रा के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। पानी के अन्य स्रोत भी बंद पड़े हैं, जिसके चलते फिलहाल टैंकरों के माध्यम से व्यवस्था संचालित की जा रही है।
अब सवाल यह है कि जब छात्रावास में सैकड़ों विद्यार्थी रहते हैं, तो उनकी जरूरत के मुताबिक पानी की स्थायी व्यवस्था अब तक क्यों नहीं हो पाई? पानी के वैकल्पिक स्रोत बंद पड़े हैं, तो उन्हें समय रहते दुरुस्त करने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या जिम्मेदारों को बच्चों की परेशानी का अंदाजा नहीं था?

इसके साथ ही विद्यार्थियों ने छात्रावास में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत की। छात्रावास में रहने वाले बच्चों को स्वच्छ पानी और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना संबंधित व्यवस्था की बुनियादी जिम्मेदारी है। ऐसे में विद्यार्थियों की शिकायतों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना जरूरी है।
मामले में प्राचार्य ने पानी की समस्या स्वीकार करते हुए बताया कि इस संबंध में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की गई है तथा जल्द समाधान का प्रयास किया जा रहा है। भोजन की गुणवत्ता के संबंध में प्राचार्य ने कहा कि संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिया जाएगा। सुधार नहीं होने पर उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

