शिवगढ़ शराब दुकान में तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध, हिरासत में लिया, अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार
रतलाम। शिवगढ़ मे शराब दुकान में हुई लूट और मारपीट के मामले में अब तक 6 आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है वही मामले में एक पुलिसकर्मी प्रधान आरक्षक बिल्लर सिंह की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है जिसके बाद एसपी अमित कुमार ने कार्रवाही करते हुए आरक्षक को विभागीय जांच में लिया है। आरक्षक शिवगढ़ थाने में ही पदस्थ है।
मामले में अब तक पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।। पुलिस ने तीन स्कूटर जब्त किए हैं। वहीं, घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। अब लूटकांड मामले में संदिग्ध पुलिसकर्मी का नाम आने के बाद भी आगे की कार्यवाही को लेकर पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि गत 23 अक्टूबर की रात शिवगढ स्थित शराब दुकान में तोडफ़ोड और लूट की वारदात हुई थी। उज्जैन जिले के नानाखेड़ा थाना क्षेत्र निवासी धर्मेंद्र जाट ने शिवगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड स्थित देशी-अंग्रेजी शराब दुकान में पीयूष, नानू, कार्तिक और उनके अन्य साथी दरवाजा खोलकर अंदर घुस आए। आरोपियों ने सेल्समैन सुशील तिवारी और मैनेजर धर्मेंद्र जाट के साथ गेती के हत्थे, सीमेंट के ब्लॉक, शराब की बोतल और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इस दौरान दुकान में तोडफ़ोड़ भी की गई। जाते समय आरोपी मोबाइल फोन लूटकर ले गए।
शिकायत के आधार पर शिवगढ़ थाना पुलिस ने अपराध क 340/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309 (6) में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पान्द्रो के मार्गदर्शन और एसडीओपी रतलाम ग्रामीण किशोर पाटनवाला के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संदिग्धों को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। वहीं इन युवको से पूछताछ में एक आरक्षक बिल्लर सिंह का नाम भी सामने आया है। जिसको हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि आरक्षक की सेल्समैन से किसी बात को लेकर कहा सुनी हुई थी और उसी को सबक सिखाने के लिए इस योजना में शामिल था। हालांकि वारदात के समय आरक्षक मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिसकर्मी शिवगढ़ थाने में ही पदस्थ है।
यह छह आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के नाम जय खरें (24 वर्ष) - निवासी हाट रोड, मदिना मस्जिद के सामने, रतलाम। नानू उर्फ अनिल देवदा (33 वर्ष) - निवासी राजेंद्र नगर, गौशाला रोड, रतलाम। कार्तिक उर्फ ओमप्रकाश मौर्य (32 वर्ष) - निवासी दीनदयाल नगर, रतलाम। पीयूष उर्फ पुष्पेंद्र रोजे (25 वर्ष) - निवासी सुभाष नगर, आंगनवाड़ी के पास, दीनदयाल नगर, रतलाम। बल्लू उर्फ प्रताप राजपूत (21 वर्ष) - निवासी बजरंग नगर, रतलाम। हर्ष उर्फ हर्षवर्धन हाड़े (24 वर्ष) - निवासी रुद्राक्ष, रत्नेश्वर रोड, रतलाम।
पुलिस ने प्रकरण में एक वेस्पा स्कूटर और दो सुजुकी एक्सेस स्कूटर जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, ये वाहन घटना में इस्तेमाल किए गए थे। हालांकि, लूटा गया मोबाइल फोन अभी बरामद किया जाना शेष है। घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी शिवगढ़ निरीक्षक लिलियन मालवीय, उपनिरीक्षक अजमेर सिंह भूरिया, उपनिरीक्षक ईशाक मोहम्मद खान सहित प्रधान आरक्षकों, आरक्षकों, महिला आरक्षकों और वाहन चालक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए मोबाइल की बरामदगी के बाद प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है।
