आखिर क्यों रतलाम जेल की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल, अब दोहरे हत्याकांड के आरोपी ने पीया फिनाइल इसके पहले भी जेल से फोन पर धमकी देने का मामला सुर्खियों में आ चुका  जेल से रील बनाने के मामले ने भी पकड़ा था तुल 

आखिर क्यों रतलाम जेल की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल, अब दोहरे हत्याकांड के आरोपी ने पीया फिनाइल  इसके पहले भी जेल से फोन पर धमकी देने का मामला सुर्खियों में आ चुका   जेल से रील बनाने के मामले ने भी पकड़ा था तुल 

रतलाम। रतलाम की जिला सर्किल जेल में एक बार फिर कैदी की सुरक्षा  में लापरवाही को लेकर सुर्खियों बटोरी है। यहाँ नामली थाना क्षेत्र के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड के आरोपी विचाराधीन कैदी राहुल जाट ने जेल परिसर के भीतर फिनाइल पीकर आत्महत्या करने  का प्रयास किया है। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। बंदी को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इस घटना से रतलाम की सर्किल जेल फिर सुर्खियों में आ गई है, इसके पहले भी सर्किल जेल से कैदी की रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी और इस मामले ने जमकर तुल पकड़ा था और जेल प्रशासन की सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावों की पोल खोली थी। साथ ही सर्किल जेल अंतर्गत आने वाली जावरा जेल से एक कैदी के द्वारा फोन कर सैलाना की महिला को धमकी देने का मामला भी सामने आया था जिसको लेकर वरिष्ट अधिकारियों को शिकायत हुई थी।  वही सैलाना जेल की एक गंभीर मामले को लेकर भी जनसुनवाई में शिकायत हुई थी जिसकी भी जांच चल रही हैं।

उल्लेखनीय है कि दोहरे हत्याकांड के कैदी द्वारा फिनायल पीने का मामला बुधवार का बताया जा रहा हैं। सहायक जेल अधीक्षक ब्रजेश मकवाने के अनुसार कल शाम करीब 4 बजे लॉकअप खुलने के दौरान सफाई गैंग के बंदी फिनाइल और झाड़ू सहित सफाई का सामान लेकर जा रहे थे। इसी दौरान गैंग राहुल जाट की बैरक नंबर 9 के सामने पहुंची। राहुल ने अपने बाथरूम की सफाई करने के लिए कहा। बताया गया कि सफाई गैंग के बंदी जैसे ही उसकी बैरक में पहुंचे, राहुल ने एक बंदी के हाथ से फिनाइल की बोतल छीन ली और उसमें से दो-तीन घूंट पी लिए। मौके पर मौजूद बंदियों और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उसे पकड़ा तथा बोतल छीन ली। इसके बाद जेल में मौजूद चिकित्सक को दिखाया गया और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहाँ प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों का खुलासा जांच तथा संबंधित बंदी के बयान के बाद ही हो सकेगा।

रतलाम सर्किल जेल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इससे पहले भी सवाल उठ चुके हैं। इसके पहले भी मई 2026 को सैलाना की एक महिला ने एसपी को आवेदन देकर जेल से धमकाये जाने की शिकायत की थी।
वही जुलाई में चाकूबाजी के आरोपी बाबर खान पठान का जेल के भीतर मोबाइल से रील बनवाने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला सामने आया था। वायरल रील में बाबर खान को चुनौतीपूर्ण अंदाज में यह कहते हुए बताया गया था कि जिसमें जिगर है, उसे कोई रोक नहीं सकता। आरोप था कि साथियों से मुलाकात के दौरान मोबाइल के जरिए रील बनाई गई और फिर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी गई। मामले के सामने आने के बाद ड्यूटी पर तैनात प्रहरी को निलंबित किया गया था, जबकि प्रभारी जेलर को नोटिस जारी किया गया था। बाबर खान को बाद में दूसरी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त, जेल में यौन शोषण की शिकायत का मामला भी सामने आने की बात कही गई थी, जिसकी जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। ऐसे में अब डबल मर्डर के आरोपी द्वारा फिनाइल पीने की घटना ने एक बार फिर जेल की सुरक्षा, निगरानी और बंदियों तक प्रतिबंधित अथवा जोखिमपूर्ण सामग्री की पहुंच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पूर्व अधिवक्ता ने एक दिन पहले दिया था स्थानांतरण का आवेदन
सहायक जेल अधीक्षक ब्रजेश मकवाने के अनुसार, राहुल जाट की पूर्व अधिवक्ता चेतना अवस्थी ने घटना से एक दिन पहले जेल अधीक्षक को आवेदन देकर उसे दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की मांग की थी। आवेदन में राहुल द्वारा परेशान किए जाने की बात लिखे जाने की जानकारी भी दी गई है। जेल प्रशासन के मुताबिक, राहुल पहले भी यह शिकायत कर चुका था कि उसके परिजनों ने चेतना अवस्थी के खिलाफ आवेदन दिए हैं, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है। उसका यह भी कहना था कि इस विवाद के कारण उसकी जमानत नहीं हो पा रही है। जेल प्रशासन ने आशंका जताई है कि इसी विवाद के चलते राहुल ने यह कदम उठाया हो सकता है। हालांकि, यह केवल प्रारंभिक आशंका है। आत्महत्या के प्रयास के पीछे की वास्तविक वजह जांच और संबंधित पक्षों के बयानों के बाद ही स्पष्ट होगी।

एक साल से दोहरे हत्याकांड में बंद है राहुल जाट
राहुल जाट नामली थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में करीब एक साल से जेल में बंद है। पहले उसे जावरा उप जेल में रखा गया था। जावरा उपजेल में उसे मिल रही बेहतर सुविधाओं की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने के बाद  करीब दो महीने पहले उसे वहां से रतलाम सर्किल जेल स्थानांतरित किया था। सहायक जेल अधीक्षक के अनुसार, पूर्व में भी उसके संबंध में शिकायत मिलने के बाद उसे दूसरी जेल भेजा गया था। इस मामले में अन्य आरोपियों में से करीब 20 के जमानत पर बाहर होने की जानकारी भी सामने आई है।

चेतना अवस्थी बोलीं—छवि खराब किए जाने पर दिया था आवेदन
इस मामले में अधिवक्ता चेतना अवस्थी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने राहुल के रिश्तेदारों को रुपये उधार दिए थे। उनके अनुसार, रुपये वापस मांगने पर उन्हें टालने की कोशिश की गई और सोशल मीडिया पर उनकी छवि खराब की गई। चेतना अवस्थी के मुताबिक, उन्होंने 13 अक्टूबर को जेल प्रशासन को आवेदन देकर राहुल को दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की मांग की थी। उनका आरोप है कि उनकी शिकायत को उजागर कर दिया गया।