प्रदेश के पंचायत सब इंजीनियर सहित जिले के संविदा कर्मचारियों का वेतन अटका, तीन दिन बाद दिवाली, त्योहार से पहले आर्थिक संकट से मायूस हुए कर्मचारी
रतलाम। दीपावली का त्योहार में महज तीन दिन शेष हैं और घरों में दीपों से सजावट से लेकर कई जरूरी कार्य होना बाकी है। दिवाली को लेकर लोग त्योहार की तैयारियों में जुटे हैं। लेकिन वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) योजना के अंतर्गत काम करने वाले पंचायत के सब इंजीनियर संविदा कर्मचारियों के घरों में इस बार त्योहार की खुशियां वेतन का इंतजार कर रही हैं। प्रदेशभर में कर्मचारियों का वेतन भुगतान लंबित है, वहीं रतलाम जिले के भी 45 कर्मचारी वेतन नहीं मिलने से परेशान हैं। वेतन की मांग को लेकर रोजगार गांरटी अधिकारी एवं कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश के द्वारा प्रदेश स्तर पर ज्ञापन भी दिया गया और दिवाली के पूर्व वेतन की मांग की है। ताकी संविदा कर्मचारियों भी दिवाली मना सके।
वेतन की उम्मीद लगाए कर्मचारियों की आँखे अब जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन के उपर टिकी हुई है के वे उज्जैन भोपाल स्तर पर चर्चा कर दिवाली के पूर्व उनके वेतन भुगतना को लेकर अपनी ओर से पहल कर सके।
जानकारी के अनुसार, योजना के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। इतना ही नहीं, कुछ कर्मचारियों के तो अन्य महीनों का वेतन भी अटका हुआ है। ऐसे में कर्मचारियों के सामने घर का खर्च चलाने के साथ ही दीपावली की खरीदारी और त्योहार मनाने का संकट खड़ा हो गया है।

रतलाम में 45 कर्मचारी प्रभावित
रतलाम जिले में योजना के अंतर्गत 27 उपयंत्री, 6 सहायक कार्यक्रम अधिकारी, 6 सहायक लेखा अधिकारी और 6 कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कुल 45 कर्मचारी वेतन भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।
इस मामले को लेकर रोजगार गारंटी अधिकारी एवं कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष गुलाब सिंह ने 2 नवंबर 2026 को आयुक्त को पत्र लिखकर लंबित वेतन का भुगतान तत्काल कराने की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन लगातार कर रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से उन्हें और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

संघ ने शासन से मांग की है कि दीपावली को देखते हुए कर्मचारियों का बकाया वेतन तत्काल जारी किया जाए और भविष्य में हर माह समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
सवाल यह है कि त्योहार से पहले जब हर परिवार अपने घर में खुशियां लाने की तैयारी कर रहा है, तब सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू करने में जुटे इन कर्मचारियों को अपने ही वेतन के लिए इंतजार क्यों करना पड़ रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारी दीपावली से पहले इन कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंचा पाएंगे या इस बार भी कर्मचारियों की दीपावली आर्थिक परेशानी के बीच ही गुजरेगी?
