सर्किल जेल रतलाम में बंदियों को दिलाया नशामुक्ति का संकल्प नशा मुक्ति दिवस के तहत 500 बंदियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन

सर्किल जेल रतलाम में बंदियों को दिलाया नशामुक्ति का संकल्प नशा मुक्ति दिवस के तहत 500 बंदियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन

रतलाम : अणुव्रत समिति के तत्वावधान में मनाए जा रहे अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह-2026 के अंतर्गत जिला सर्किल जेल में नशामुक्ति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुनि कमल कुमारजी ठाणा-दो ने बंदियों को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने और जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञान व्यक्ति को प्रकाश देता है। अज्ञानता में भटककर व्यक्ति अपराध कर बैठता है। जीवन का सार समझने वाला व्यक्ति गलत कार्यों से दूर रहता है। किसी भी गलत कदम से पहले चिंतन करना चाहिए, क्योंकि गलत कार्य की सजा अवश्य मिलती है।
मुनिश्री ने कहा कि व्यक्ति को जीवन में विनम्र रहना और झुकना सीखना चाहिए। बड़ों के प्रति सम्मान और विनम्रता से परिवार में कलह नहीं होता। क्रोध पर नियंत्रण रखना भी जरूरी है। नशे के कारण व्यक्ति गलत कार्यों की ओर बढ़ता है। उन्होंने सभी बंदियों को जीवन में कभी नशा नहीं करने का संकल्प दिलाया।
अणुव्रत समिति अध्यक्ष अंगूरबाला मांडोत ने कहा कि देश में अशांति के समय शांति का संदेश देने के उद्देश्य से अणुव्रत आंदोलन शुरू हुआ था। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त समाज के लिए कार्य किए जा रहे हैं। अणुव्रत जीवन जीने का विज्ञान है। जेल अधीक्षक लक्ष्मणसिंह भदौरिया ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि जैन संत बंदियों के नैतिक उत्थान और व्यक्तित्व में सकारात्मक सुधार के लिए जेल आए हैं। सहायक जेल अधिकारी राणावत ने बताया कि बंदियों की दिनचर्या की शुरुआत ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता’ प्रार्थना से होती है।
कार्यक्रम में जेल परिवार को अणुव्रत साहित्य भेंट किया गया। समिति ने जेल परिसर में पौधारोपण किया और बंदियों को मिठाई वितरित की। संचालन निपुण कोठारी एडवोकेट ने किया। आभार आशीष मांडोत ने माना। मंत्री रत्ना भटेवरा, दिलीप मांडोत, कमलेश बम, राजेंद्र मांडोत, जेल अधिकारी-कर्मचारी और 500 बंदी उपस्थित थे।
चित्र 417 : सर्किल जेल में बंदियों को संबोधित करते हुए मुनि कमल कुमारजी।
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