मंत्री काश्यप की जांच में पलीता लगा रहे Pwd अधिकारी ओर ठेकेदार! जांच टीम पर उठे सवाल, जनप्रतिनिधियों ने लगाया मिलीभगत का आरोप, जहां से सैंपल लेना थे वहां कर दिया नज़रअंदाज

मंत्री काश्यप की जांच में पलीता लगा रहे Pwd अधिकारी ओर ठेकेदार! जांच टीम पर उठे सवाल, जनप्रतिनिधियों  ने लगाया मिलीभगत  का आरोप, जहां से सैंपल लेना थे वहां कर दिया नज़रअंदाज

रतलाम। (समीर खान coverstory24)। जावरा फाटक-सेजावता फोरलेन सडक़ निर्माण में हुए घटिया निर्माण को लेकर मंत्री काश्यप ने जांच के निर्देश दिए थे जिसको लेकर 5 सदस्यीय टीम का गठन भी किया गया था और 5 दिन में जांच सौंपनी थी। जिसको लेकर शुक्रवार को जांच टीम रतलाम आई लेकिन यहां pwd के ईई महेंद्र चौहान और ठेकेदार ने जांच दल को गुमराह कर उन जगह से सैंपल दिलवाए जहा रोड खराब ही नहीं था। आज जब जांच टीम रोड़ निर्माण के सेंपल लिए गए तो उसमें भी पारदर्शिता नहीं बरती गई। वही कोर का सैंपल भी 10 इंच के लगभग आधा अधूरा लिया गया।

गौरलतब है कि जावरा फाटक अंडर ब्रिज - सेजावता फंटा में हुए घटिया निर्माण को लेकर coverstory24 पर लगातार ख़बरें प्रकाशित की गई थी। यह निर्माण इंदौर  की कंपनी पृथ्वी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि द्वारा किया गया था। जिस पर मंत्री काश्यप ने संज्ञान लिया था और 5 सदस्यों की टीम बनाकर जांच करने के निर्देश दिए थे। यह फोरलेन लगभग 4.12 किमी. लंबा हे जो दो हिस्सों में बना है। आधा फोरलेन सीमेंट कांक्रीट ओर आधा डामर का मिलकर बना है । इसी फोरलेन की जांच करने निर्माण विभाग की टीम आज रतलाम पहुंची। दल के मौके पर पहुंचने पर pwd विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी महेंद्र चौहान भी मौके पर पहुंचे। चौहान के अनुसार ही रोड़ सैंपलिंग के नमूने कोर कटिंग कर लिए गए।

इस दौरान भाजपा नेता शेरू पठान भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने जहां जहां से रोड बैठ गया हे वहां से सैंपल लेने को कहा लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात को नजर अंदाज कर दिया ओर चलते बने। बताया जा रहा हैं कि रोड के सैंपल सिर्फ 2 जगह से लिए गए है। जिसमें सिर्फ सीमेंट कांक्रीट का ही सैंपल लिया गया। लेकिन डामर रोड का कही से भी सैंपल नहीं लिया। जिसको लेकर आपत्ति ली गई। अधिकारियों द्वारा 2 जगह से सैंपल लेकर चले गए। इस दौरान मीडिया ने चर्चा करना चाही लेकिन वे कुछ नहीं बोले। ओर सवालों से बचते नजर आए। 

सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता जाँच के लिए जो समिति गठित की उसमें एस.आर. गोरखेड़े प्रभारी मुख्य अभियंता (भवन) लोक निर्माण विभाग इंदौर परिक्षेत्र को अध्यक्ष बनाया गया है। सदस्य के रूप में मयंक शुक्ला प्रभारी अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग राजधानी परिक्षेत्र भोपाल एवं गणेश प्रसाद पटेल अधीक्षण यंत्री लोक निर्माण विभाग उज्जैन मंडल को शामिल किया गया है।

अब सवाल यह उठता है कि जब प्रदेश सरकार के pwd विभाग के मंत्री जी के जांच आदेश का ऐसा मजाक इन जांच दल के अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा उड़ाया जाएगा तो जनता की क्या यह अधिकारियों के द्वारा सुनवाई की जाएगी। वही रतलाम शहर के जनप्रतिनिधियों ने भी जांच दल की टीम पर सवालिया निशान उठाए गए हैं। 
देखना है कि अब यह जांच दल टीम के द्वारा pwd मंत्री को अपनी जांच में क्या रिजल्ट देती है या पूर्व की तरह आल इज वेल

कांग्रेस ने भी लगाए जांच प्रभावित होने के आरोप

इस घटिया रोड निर्माण को लेकर कांग्रेस नेता आर्यन खान ने भी गंभीर आरोप लगाए। वह pwd के अधिकारी पर जांच दल को गुमराह करने के आरओ लगते हुए जांच प्रभावित होने की बात कही। आर्यन खान ने कहा कि टीम को कहा से सैंपल लेना थे वहां से सैंपल नहीं लिए गए। 

17 करोड़ के घटिया निर्माण  पर खबर से मंत्री का ध्यान किया था आकर्षित

उल्लेखनीय है कि जावरा फाटक अंडर ब्रिज से लेकर सेजावता फंट तक करीब 17 करोड़ की लागत से फोरलेन का निर्माण किया गया हैं । इस रोड निर्माण का काम बेहद घटिया स्तर का होने और लगातार उखडऩे को लेकर 4 फरवरी 2026 को coverstory24 न्यूज चेनल द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। जिससे शासन-प्रशासन में हडक़ंप मच गया था। कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को दिए थे। इसके साथ ही  मंत्री काश्यप द्वारा लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह को भी इस घटिया निर्माण के बारे में जानकारी देते हुए अवगत कराया था। मंत्री श्री सिंह ने तत्काल घटिया निर्माण को संज्ञान में लेते हुए विभाग से जाँच कराने हेतु आश्वस्त किया था। विभाग ने सडक निर्माण कार्य की गुणवत्ता जाँच के लिए एक समिति का गठन किया। यही जांच दल आज रतलाम आया था और इस रोड से सैंपल लिए गए। मंत्री काश्यप ने इस घटिया निर्माण पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए इस रोड की जांच उच्च स्तरीय अधिकारियों से करवाने के निर्देश जारी किए थे लेकिन स्थानीय अधिकारियों द्वारा ठेकेदार के साथ इसमें लीपापोती की जा रही है।

 

इस रोड के हिस्से को दूसरी बारउखाड़कर बनाया गया