मेडिकल कालेज के डॉक्टरों ने 5 किलो रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमर निकाल बचाई महिला की जान
रतलाम शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रतलाम में सर्जरी विभाग की टीम ने एक 46 वर्षीय महिला के पेट से लगभग 28×22 सेंटीमीटर आकार और करीब 5 किलोग्राम वजनी विशाल रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
मरीज को लंबे समय से पेट में सूजन, भारीपन और दर्द की शिकायत थी। जांच के दौरान पेट के पीछे (रेट्रोपेरिटोनियल क्षेत्र) में अत्यधिक बड़े आकार का ट्यूमर पाया गया, जो आसपास के महत्वपूर्ण अंगों और बड़ी रक्त वाहिकाओं के निकट स्थित था। ट्यूमर का आकार और जटिल स्थिति सर्जरी को अत्यंत चुनौतीपूर्ण बना रहे थे।

यह जटिल ऑपरेशन डॉ. विक्रम सिंह मुजाल्दे के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ऑपरेटिंग टीम में डॉ. अनिल डावर, डॉ. पूर्वा परमार, डॉ. सौरभ, डॉ. सुनील, डॉ. पंकज, डॉ. प्रीति, डॉ. पंजाल मालवीय, डॉ. प्रशांत एवं डॉ. प्रियांशी सहित अन्य सहयोगी चिकित्सक उपस्थित रहे।
एनेस्थीसिया टीम में डॉ. शैलेंद्र डावर, डॉ. कृष्णकांत, डॉ. अंकित एवं अन्य स्टाफ़ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव नियंत्रण और महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। कई घंटों तक चली इस सर्जरी के बाद ट्यूमर को पूर्णतः सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया।
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमर अक्सर लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षण के बढ़ते रहते हैं, जिससे उनका पता देर से चलता है। समय पर जांच और अनुभवी सर्जिकल टीम के प्रयास से ऐसे जटिल मामलों में भी सफल परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता को टीमवर्क, विशेषज्ञता और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। मरीज के परिजनों ने चिकित्सकों एवं पूरे स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए इसे “नई जिंदगी” बताया।
