कुआझगर पंचायत में फर्जी बिल लगाकर भुगतान का आरोप, ग्रामीणों ने पहले भी प्रभारी से शिकायत की थी, आजतक कागजो में अटकी जांच
रतलाम। जिले की सैलाना जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कुआझागर में फर्जी बिल लगाकर भुगतान का मामला सामने आया है। यहाँ के ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों तक शिकायत की है लेकिन आज तक जांच और कार्रवाई कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी। वही पूर्व में भी फर्जी बिलो को लेकर इस मामले की शिकायत तत्कालीन प्रभारी मंत्री को की थी लेकिन जांच कागजो में करके मामले पर पर्दा डाल दिया गया है।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत कुआझागर में विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए भुगतान किए जाने के आरोप लगे हैं । यहाँ स्कूल में मोटर खराब होने के नाम पर नई मोटर डालने के लिए हजारों का भुगतान कर दिया गया। लेकिन एक भी मोटर नहीं डाली गई। पैसा एक्ट अध्यक्ष तुलसीराम डिंडौर ने बताया कि मामले को लेकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर प्राप्त जवाब में इसकी स्थिति "आंशिक बंद" बताई गई है। निराकरण में ग्राम पंचायत सरपंच-सचिव की ओर से बताया गया कि गांव में मोटर पंप की मांग को देखते हुए नवीन मोटर पंप खरीदने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को तकनीकी स्वीकृति हेतु पत्र भेजा गया है और स्वीकृति मिलने के बाद मोटर पंप स्थापित कर दिया जाएगा। वही पंचायत में गणतंत दिवस कार्यक्रम को लेकर भी 25 हजार से ज्यादा का भुगतान कर दिया गया, लेकिन इतना खर्चा इस कार्यक्रम पर नहीं हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत पंचायत में कथित फर्जी बिलों और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की गई थी, लेकिन जवाब में मोटर पंप खरीदने की प्रक्रिया का उल्लेख कर शिकायत को आंशिक रूप से बंद कर दिया गया। इससे शिकायत के वास्तविक मुद्दों की जांच और निराकरण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि मामले की शिकायत पूर्व प्रभारी मंत्री श्री भदौरिया तक से की गई थी। शिकायतों के बाद जांच के आश्वासन मिले, ओर अधिकारी जांच करने पहुंचे लेकिन जांच कहा तक पहुंची और आज तक न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हुई और न ही सरपंच अथवा सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के मूल बिंदुओं की समीक्षा करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
