छात्रा की मौत के बाद तीन जिम्मेदारों पर गिरी गाज, वार्डन-प्रिंसिपल और शिक्षिका हटाई, हॉस्टल में मिली थी छात्रा की लाश, रात 11 बजे तक चला विरोध, जांच और आर्थिक सहायता का आश्वासन

छात्रा की मौत के बाद तीन जिम्मेदारों पर गिरी गाज, वार्डन-प्रिंसिपल और शिक्षिका हटाई, हॉस्टल में मिली थी छात्रा की लाश, रात 11 बजे तक चला विरोध, जांच और आर्थिक सहायता का आश्वासन

रतलाम/सैलाना। सैलाना के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में 12वीं की छात्रा वर्षा सोलंकी की मौत के बाद मंगलवार रात जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। छात्राओं, परिजनों और आदिवासी संगठनों ने स्कूल के बाहर रतलाम-सैलाना मुख्य मार्ग पर बैठकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई और परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।

विरोध के बीच जनजातीय कार्य विभाग ने हॉस्टल वार्डन रेखा, प्रिंसिपल नरेंद्र गंगवाल और परीक्षा के दौरान चेकिंग करने वाली शिक्षिका प्रीति लांबा को हटाने की जानकारी दी। परिवार को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन भी दिया गया। इसके बाद रात करीब 11 बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ।

जानकारी के मुताबिक छात्रा वर्षा कल छमाही परीक्षा में अर्थशास्त्र का पेपर देने पहुंची थी। परीक्षा के दौरान चेकिंग में उसके पास नकल की पर्ची मिलने की बात सामने आई। इसके बाद उसे परीक्षा में बैठने से रोककर हॉस्टल भेज दिया गया। कुछ समय बाद हॉस्टल में उसकी मौत की सूचना मिली।

परीक्षा समाप्त होने के बाद उसकी रूममेट छात्राएं हॉस्टल पहुंचीं, तब घटना का पता चला। सूचना मिलते ही सैलाना थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।

घटना की जानकारी मिलने पर देवास से छात्रा के परिजन सैलाना पहुंचे। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्राएं, परिजन, आदिवासी संगठन के नेता और छात्र संगठन के पदाधिकारी स्कूल के बाहर जुट गए। प्रदर्शनकारियों ने तीनों को हटाने के साथ परिवार को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग रखी।

मौके पर पहुंचे प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। रतलाम से जनजातीय कार्य विभाग की डा  प्रियंका राय सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी सैलाना पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि वार्डन, प्रिंसिपल और संबंधित शिक्षिका को हटा दिया गया है। साथ ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

सैलाना तहसीलदार मनीष जैन ने बताया कि जनजातीय विकास विभाग ने तीनों को हटा दिया है। पोस्टमार्टम के लिए शव को रात में रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा गया। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बाइट