नामली में शव रखकर मुआवजे की मांग, सड़क हादसे में व्यापारी की मौत के बाद बवाल, सड़क पर चिता जलाने की बात, समझाइश के बाद माने

नामली में शव रखकर मुआवजे की मांग, सड़क हादसे में व्यापारी की मौत के बाद बवाल, सड़क पर चिता जलाने की बात, समझाइश के बाद माने

समीर खान

रतलाम 


नामली में शव रखकर मुआवजे की मांग, सड़क हादसे में व्यापारी की मौत के बाद बवाल, सड़क पर चिता जलाने की बात, समझाइश के बाद माने

रतलाम| जिले के नामली थाना क्षेत्र में फोरलेन पर गुरुवार को हुए सड़क हादसे ने शनिवार को उग्र जनाक्रोश का रूप ले लिया। दुर्घटना में घायल मुकेश कुमावत की इंदौर में उपचार के दौरान मौत के बाद शनिवार को नामली पूरी तरह बंद रहा। परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय व मुआवजे की मांग को लेकर महू-नीमच फोरलेन पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रशासन के साथ घंटों चली खींचतान और आश्वासन के बाद 12 दिनों के अल्टीमेटम पर धरना समाप्त हुआ।

शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के बाद शनिवार सुबह से ही नामली के व्यापारियों ने फोरलेन पर लगातार हो रहे हादसे के विरोध में अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। जैसे ही मृतक की शवयात्रा घर से निकली, वह सीधे फोरलेन हाईवे पर जा पहुंची। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने हाईवे पर ही अंतिम संस्कार करने की चेतावनी देते हुए धरना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भारी पुलिस फोर्स घटना स्थल मौजूद रहा।


प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने मुख्य रूप से तीन मांगें रखीं। मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। फोरलेन पर दुर्घटना वाले स्थान की खामियों को पूरा किया जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी सहायता या नौकरी का प्रावधान दिया जाये।

मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे आला अधिकारियों ने परिजनों से कई दौर की चर्चा की। अधिकारियों द्वारा मांगों पर सकारात्मक विचार करने और उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। इस दौरान एमपीआरडीसी के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। धरना स्थल पर उन्हें फोरलेन की कमियों को लेकर काफी खरी खरी सुनाई गई।

12 दिनों का अल्टीमेटम

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि 12 दिनों के भीतर उनकी तीनों मांगें पूरी नहीं की गईं, तो एक बार फिर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। 12 दिनों बाद मृतक का 13वीं का कार्यक्रम फोरलेन पर किया जाएगा।

शनिवार सुबह करीब तीन घंटे से ज्यादा प्रदर्शन चलने के बाद प्रशासन की सहमति और आश्वासन के बाद शवयात्रा अंतिम संस्कार के लिए मक्तिधाम रवाना हुई, जिसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो सका। पुलिस प्रशासन अब भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।