मुस्लिम बच्चों को दीन से जोड़ने के लिए समाज की नई पहल, 40 दिन तक 5 वक्त नमाज पढ़ने वाले बच्चों को प्रोत्साहित किया

मुस्लिम बच्चों को दीन से जोड़ने के लिए समाज की नई पहल, 40 दिन तक 5 वक्त नमाज पढ़ने वाले बच्चों को प्रोत्साहित किया

रतलाम। मुस्लिम समाज के बच्चों को दीनी तालीम से जोड़ने के लिए अनोखी पहल की गई। यहां 15 साल तक के मुस्लिम बच्चों को 40 दिन तक 5 वक्त नमाज पढ़ने पर पुरस्कृत किया गया। जिसके तहत बच्चों को साइकिल बांटी गई। और स्मार्ट वॉच सहित अन्य पुरस्कार देकर उनका हौसला अफजाई की गई। ये पहल मोमिनपुरा मस्जिद कमेटी द्वारा की गई।

मस्जिद कमेटी के सदर हाजी शाहिद अंसारी ने बताया कि मौजूदा वक्त में मुस्लिम समाज के बच्चों को दीन से जोड़ने ओर उनको प्यारे नबी मुहम्मद सल्लाहु अलैहि व सल्लम के बताए गए तौर तरीके सिखाने और उनका हौसला अफजाई करने के लिए ये कार्यक्रम आयोजित किया गया हैं। इस प्रतियोगिता में करीब 150 से ज्यादा बच्चे शरीक हुए थे। इसके साथ 5 वक्त नमाज पढ़ने आने वाले सभी बच्चों को पहले दिन से ही हाजरी भी ली गई। ओर उनको दीनी बातों से रूबरू करवाया गया। 
इस दौरान कई बच्चों को सहूलियत देने के लिए उनसे गैर हाजिर रहने पर का कारण जानने के लिए आवेदन भी लिए गए। इसके साथ ही जो बच्चे स्कूल की वजह से नमाज पढ़ने नहीं आ पाए उनकी भी हाजरी लगाई गई। इस पूरे 40 दिन पाबंद तरीके से नमाज पढ़ने वाले करीब 10 बच्चे शामिल रहे। जिनको प्रोत्साहित किया गया। इसके साथ ही अन्य जो बच्चे जिनकी सिर्फ एक या 2 नमाज बीमारी या अन्य किसी कारण से कजा हुई या (छूटी) उनको भी पुरस्कार दिए गए। 5 वक्त नमाज पढ़ने वाले 52बच्चों को साइकिल दी गई और अन्य जो बच्चे जिनकी सिर्फ एक या दो नो नमाज छूटी  उनको भी स्मार्ट वॉच ओर अन्य पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

बच्चों ने इमाम साहब के सामने सुनाई आयते

मोमिनपूरा मस्जिद में बच्चों को नमाज से जोड़ने के तहत उनको दीनी बाते भी सिखाई गई और यहां बच्चों से माइक के द्वारा आयते भी सुनवाई गई। और दीन के तौर तरीकों से रहने की बात भी बताई गई। साथ ही कुरान पढ़ने और नमाज पढ़ने की अहमियत भी बताई गई। सात ही कुरान की आयतों से भी रूबरू करवाया गया। मस्जिद के इमाम ने अपने बयान में प्यारे नबी की बातें बताई।


-बच्चों पर ये नियम लागू किए गए थे

मोमिनपुरा मस्ज़िद में 5 वक्त जमात के साथ नमाज़, सुन्नत व नवफील के साथ अदा करना होगी।

नमाज़ के साथ साथ अच्छे अख़लाक से रहना होगा- जैसे : मुलाकात पर सलाम करना, अपने दोस्तो को नमाज़ के लिए साथ लाना।

मस्ज़िद में शरारत, मस्ति, शोर मचाने पर नम्बर काटे जाऐंगें।