रेलवे से सेवानिवृत्ति कृष्णपाल छप्री जाते-जाते दुनिया को रोशनी और देह दान कर गए,  82 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कहा, मेडिकल कालेज को साल की पहली देह मिली

रेलवे से सेवानिवृत्ति कृष्णपाल छप्री जाते-जाते दुनिया को रोशनी और देह दान कर गए,  82 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कहा, मेडिकल कालेज को साल की पहली देह मिली

रतलाम : रेलवे के पोस्टल डिपार्टमेंट से सेवानिवृत्त, लेखक, चिंतक, विचारक, कृष्णपाल छप्री के निधन के पश्चात देहदान किया गया। 82 वर्षीय कृष्णपाल स्व. उस्ताद गोपालदास व स्व. दाखाबाई छप्री के पुत्र थे। निधन से पहले उन्होंने अपने स्वैच्छिक संकल्पों के आधार पर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने भौतिक शरीर (देह) को डा. लक्ष्मीनारायण पांडे मेडिकल कालेज रतलाम को दान कर दी थी। मेडिकल कालेज के लिए यह वर्ष 2026 का पहला देहदान था। साथ ही दिवंगत के नेत्रदान भी कराए गए।
मप्र शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा लोकहित अनुकरणीय कार्य पर देहदानी कृष्णपाल छप्री के मुखर्जी नगर पानी की टंकी के पास स्थित निवास पर पहुंचकर सम्मान में गार्ड आफ आनर दिया गया। इसका समन्वय समाजसेवी गोविंद काकानी ने किया। साथ ही आदर्श वाल्मीकि पंचायत के नगर पटेल विजय खरे, मोहल्ला सुधार समिति अध्यक्ष हितेश पेमाल सहित बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठ समाजसेवी, समाज के पंचगण, गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा गार्ड आफ आनर पश्चात सामूहिक श्रद्धांजलि दी गई। यहां से अंतिम यात्रा के रूप में देहदानी कृष्णपाल छप्री के पार्थिव शरीर को मेडिकल कालेज लाया गया, जहां देहदान की प्रक्रिया पूर्ण की गई। मेडिकल कालेज में देहदान के समय मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई।