10 मिनट की मुलाक़ात के चक्कर में शहर की जनता को 4 घंटे 40 डिग्री तपती धूप में खड़ा कर दिया, जीवनसिंह शेरपुर के आंदोलन को जिला प्रशासन ने शहरवासियों का सिरदर्द बना दिया, रतलाम पहुंचने वाले मार्गों पर बेरिकेटिंग से लोगों को हुई मुश्किले, अपने घर पहुंचने के लिए लोगों को करना पड़ी मशक्कत
10 मिनट की मुलाक़ात के चक्कर में शहर की जनता को 4 घंटे 40 डिग्री तपती धूप में खड़ा कर दिया, जीवनसिंह शेरपुर के आंदोलन को जिला प्रशासन ने शहरवासियों का सिरदर्द बना दिया, रतलाम पहुंचने वाले मार्गों पर बेरिकेटिंग से लोगों को हुई मुश्किले, अपने घर पहुंचने के लिए लोगों को करना पड़ी मशक्कत
रतलाम। खनिज विभाग द्वारा अपनी मनमानी सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जीवनसिंह शेरपुर ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट का घेराव करने की योजना बनाई थी । जिसको लेकर काफी प्रचार प्रसार भी किया गया था। लेकिन आज दोपहर जीवनसिंह शेरपुर के रतलाम पहुंचने के पहले ही सेजावता ओर डोसीगांव के यहां रोक दिया गया। जिसको लेकर करीब 4 घंटे तक रोड जाम रहा। इस दौरान जीवनसिंह शेरपुर का कहना था कि वे जनसुनवाई में कलेक्टर से मिलने जा रहे थे और उन्हें रास्ते में रोक दिया गया। जिसके इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के सभी एंट्री पॉइंट और महू-नीमच फोरलेन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
जीवनसिंह शेरपुर ओर ग्रामीण कलेक्टर मिशा सिंह को बुलाने की मांग पर अड़े है। ओर नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कलेक्टर मैडम एसी चैंबर में बैठी हैं और जनता सड़क पर 40 डिग्री के तापमान में परेशान हो रही है।वे जिले की मुखिया हे और हमारी समस्या कलेक्टर नहीं सुनेगी तो कौन सुनेगा। इस दौरान sdm ओर अन्य प्रशासनिक आधिकारियों ने समझाईश की कोशिश की लेकिन वे नहीं मान रहे ओर कलेक्टर से मिलने की बात पर अड़े हुए है। रहे हैं।
धोसीगांव में बैरिकेटिंग में फंसे जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि कलेक्टर व प्रशासन हमें रोक कर अपराध कर रहा है। हम जनता की बात रखने कलेक्टर कार्यालय जा रहे थे और हमें इस तरफ बीच में रोकना अपराध की श्रेणी में आता है। प्रशासन हमें दबाने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब गांव में कोई अधिकारी या कर्मचारी आकर दिखाएं। हम भी उन्हें घुसने नहीं देंगे।
रास्ते बंद होने से लोग हुए परेशान
करनी सेना प्रमुख जीवनपुर के आंदोलन को लेकर सेजावता से कलेक्टर तक कई जगह बेरीकटिंग की गई थी इस दौरान लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्योंकि यहां पर कई जगह रास्ते बंद कर दिए गए थे जिससे आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोग काफी परेशान हुए। वहीं हाईवे जाम होने का कारण लोगों को तपती धूप में परेशानी का सामना करना पड़ा और वह घंटो जाम में फंसे रहे।
डंपर जब्ती के विरोध में शुरू हुआ था विवाद
सात दिन पहले जावरा ब्लॉक में झालवा-कलालिया रोड निर्माण में लगे दो डंपरों को खनिज विभाग ने अवैध परिवहन के आरोप में जब्त किया था। ये दोनों डंपर ठेकेदार आयुष शर्मा के हैं, जिन्हें जीवनसिंह शेरपुर का समर्थक बताया जाता है।
जब्ती के विरोध में शेरपुर ने समर्थकों के साथ रिंगनोद थाने में गादी-बिस्तर लगाकर रात भर धरना दिया था। शेरपुर का आरोप था कि खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन के नाम पर खाली डंपरों को पकड़कर कार्रवाई की है, जिसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट घेराव की घोषणा की थी।
घेराव में रखी जा रही हैं 11 प्रमुख मांगें
इस प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन के समक्ष जिले के जनहित से जुड़े 11 निर्णायक मुद्दे रखे जा रहे हैं। इनमें अवैध उत्खनन के नाम पर निर्दोषों पर कार्रवाई रोकने और पिपलिया जोधा में देह व्यापार पर रोक लगाने की मांग शामिल है।
आमनेर में बालिका अपहरण में त्वरित न्याय, चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई और बोरवानी के अवैध ईंट भट्ठों को हटाने की मांग भी रखी गई है। किसानों की कर्ज अदायगी की तारीख बढ़ाने, गेहूं खरीदी की समस्याओं के समाधान और जावरा की आविका सिटी में मूलभूत सुविधाओं की मांग भी प्रमुख है।
बाइट जीवनसिंह शेरपुर
