मेडिकल कालेज के बाहर से हटी मछली-मटन की दुकानें, अतिक्रमण भी हटाया -मेडिकल कालेज में आने जाने वाले मरीजों-डाक्टरों को हो रही थी परेशानी, राह चलते लोगों के लिए भी मुसीबत था यह अतिक्रमण, अब अतिक्रमण किया तो एफआईआर कराएगी पंचायत

मेडिकल कालेज के बाहर से हटी मछली-मटन की दुकानें, अतिक्रमण भी हटाया -मेडिकल कालेज में आने जाने वाले मरीजों-डाक्टरों को हो रही थी परेशानी, राह चलते लोगों के लिए भी मुसीबत था यह अतिक्रमण, अब अतिक्रमण किया तो एफआईआर कराएगी पंचायत

रतलाम। रतलाम के मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण की समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। बंजली ग्राम पंचायत ने एक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मेडिकल कॉलेज के सामने से अवैध रूप से चल रही मछली और मटन की दुकानों को हमेशा के लिए बंद करवा दिया है। इस साहसिक कदम की वजह से न सिर्फ सरकारी जमीन खाली हुई है, बल्कि क्षेत्र में स्वच्छता और कानून व्यवस्था भी बहाल हुई है।
 यह पूरा मामला 6 अगस्त को सामने आया, जब समाजसेवी कचरू राठौर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में इन दुकानों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि ये दुकानें मेडिकल कॉलेज की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से चल रही थीं। इनकी वजह से मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों को भारी असुविधा हो रही थी। इसके अलावा, इन दुकानों से फैलने वाली गंदगी और दुर्गंध अस्पताल परिसर के लिए एक गंभीर समस्या बन गई थी।
इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, बंजली ग्राम पंचायत ने तुरंत कार्रवाई करने का फैसला किया। ग्राम पंचायत के सरपंच ने बताया कि पहले दुकानदारों को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया गया था, लेकिन जब उन्होंने इसे नजरअंदाज किया, तो सख्ती बरतने का निर्णय लिया गया।
 इसके बाद, पंचायत की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी अवैध दुकानों को खाली करवा दिया। इस कार्रवाई के दौरान, दुकानदारों को यह साफ चेतावनी दी गई है कि अगर वे भविष्य में दोबारा वहां दुकान लगाने की कोशिश करेंगे, तो उनके खिलाफ पुलिस में स्नढ्ढक्र दर्ज कराई जाएगी। इस सख्त संदेश ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि अतिक्रमण की समस्या दोबारा न उठे।
 स्थानीय नागरिक और मेडिकल कॉलेज प्रशासन, दोनों ने ग्राम पंचायत के इस फैसले की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेने पर बड़े से बड़े मुद्दे का समाधान किया जा सकता है।