अध्यात्म की प्रेरणा पुंज थी दादी जानकी, दिव्य दर्शन भवन डोंगरे नगर सेवा केंद्र पर मनाया वैश्विक आध्यात्मिक जागृति दिवस
रतलाम : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के दिव्य दर्शन भवन डोंगरे नगर सेवा केंद्र पर संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी जानकी के छठवें पुण्य स्मृति दिवस को वैश्विक आध्यात्मिक जागृति दिवस के रूप में मनाया गया। सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता बहन, आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. दिलीप नलगे, लोक अभियोजन अधिकारी गोल्डन राय, ब्रह्माकुमारी गीता बहन सहित अनेक अतिथियों ने दादी जानकी को पुष्प सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
सेवा केंद्र संचालिका सविता बहन ने दादी जानकी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दादीजी का जीवन योग, आध्यात्मिक शक्ति की साक्षात मिसाल था। उन्होंने निरंतर राजयोग के अभ्यास से स्वयं को इतना शक्तिशाली, पवित्र व सकारात्मक बनाया कि उनका प्रत्येक वचन महावाक्य के समान बन गया। दादीजी का जीवन विश्व के लिए अध्यात्म का प्रेरणा पुंज है।
दादी जानकी का नाम विश्व की सबसे स्थिर मन वाली महिला के रूप में भी दर्ज है। योग साधना के माध्यम से उन्होंने अपने मन को इतना नियंत्रित व संयमित किया कि वे इच्छानुसार लंबे समय तक मन को स्थिर रख सकती थी। 104 वर्ष की आयु में भी उनका उत्साह युवाओं जैसा बना रहा, जो उनकी आध्यात्मिक शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दादी जानकी को स्वच्छ भारत मिशन का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया था। उनके नेतृत्व में संस्था द्वारा देश-विदेश में स्वच्छता व आध्यात्मिकता के अनेक अभियान संचालित किए गए। उन्हें अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया।
डा. नलगे ने कहा कि दादी जानकी ने विदेशों में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का बीजारोपण भी किया। उनके अथक परिश्रम व सेवा भावना के कारण आज 100 से अधिक देशों में राजयोग, भारतीय संस्कृति व आध्यात्मिकता का संदेश पहुंच रहा है। राय ने दादीजी के मातृत्वमयी व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि वे पूरे विश्व के लिए एक स्नेहमयी मां के समान थी। उनसे मिलने वाला प्रत्येक व्यक्ति उनके प्रेम, सहजता और ममता से प्रभावित हो जाता था। कार्यक्रम के अंत में सभी को दादी जानकी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प दिलाया गया।
