आलोट के पास राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में लगी भीषण आग, आलोट, 68 यात्रियों को सुरक्षित निकाला, गार्ड और आरपीएफ की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, दिल्ली-मुंबई रेल यातायात रहा प्रभावित
रतलाम/आलोट/कोटा। दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर रविवार तड़के बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। गाड़ी संख्या 12431 त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में अचानक भीषण आग लग गई। हादसा लूनी रीछा एवं विक्रमगढ़ आलोट रेलवे स्टेशन के बीच डाउन लाइन पर हुआ। आग लगते ही ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।

जानकारी के अनुसार राजधानी एक्सप्रेस नागदा से कोटा की ओर जा रही थी। सुबह करीब 5:15 बजे गार्ड रूम के पास स्थित बी-1 कोच से अचानक धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा कोच उसकी चपेट में आ गया। घटना के समय अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, लेकिन धुआं और लपटें देखकर यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

15 मिनट में खाली कराया पूरा कोच
घटना की जानकारी मिलते ही ट्रेन के गार्ड ने तत्काल वॉकी-टॉकी के माध्यम से लोको पायलट को सूचना दी। इसके बाद ट्रेन को तुरंत रोका गया। आरपीएफ जवानों एवं रेलवे कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कोच के दरवाजे और खिड़कियां खोलकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया। करीब 15 मिनट के भीतर पूरे कोच को खाली करा लिया गया।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक बी-1 कोच में कुल 68 यात्री सवार थे। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में किसी भी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि कोच को भारी नुकसान पहुंचा है।

ट्रैक पर रोका गया रेल यातायात
घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई। रेलवे ने प्रभावित ट्रेन का बिजली कनेक्शन भी काट दिया। सूचना मिलते ही कोटा मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी टीम और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए।
रेलवे प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
