खबर का असर : घटिया फोरलेन निर्माण की जांच के बाद हरकत में आया ठेकेदार, सड़क खोदकर शुरू कराया सुधार कार्य, PWD ईई चौहान ने बताया था क्वालिटी वाला निर्माण

खबर का असर : घटिया फोरलेन निर्माण की जांच के बाद हरकत में आया ठेकेदार, सड़क खोदकर शुरू कराया सुधार कार्य, PWD ईई चौहान ने बताया था क्वालिटी वाला निर्माण

रतलाम। जावरा फाटक-सेजावता फोरलेन सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और जांच टीम की कार्रवाई के बाद आखिरकार ठेकेदार हरकत में आ गया। जांच के दौरान निर्माण कार्य में कई खामियां सामने आने के बाद MSME मंत्री चैतन्य काश्यप ने इस रोड की जांच करने के लिए PWD मंत्री राकेश सिंह को अवगत कराया था। जिसके बाद 5 सदस्यीय दल रतलाम पहुंचा था और 2 जगह से कोर कटिंग कर सैंपल लेके गया था। इस दौरान भी PWD के ईई महेंद्र चौहान ने खराब रोड के सैंपलिंग ना करवाते हुए अच्छी जगह से सैंपल दिलवाए थे। जिसको लेकर भी स्थानीय नेताओं ने आपत्ति ली थी। अब चुकी सेंपल जांच के लिए गए है तो ठेकेदार द्वारा सड़क के खराब हिस्से को खोदकर दोबारा सुधार कार्य शुरू किया जा रहा हैं जिससे भी कई सवाल उठने लगे हैं। वही इस पूरे मामले में pwd के ईई महेंद्र चौहान ने शुरू से ही ठेकेदार का बचाव करते हुए इस रोड के क्वालिटी बेहतर बताई थी।


गौरतलब है कि फोरलेन निर्माण में गुणवत्ता को लेकर क्षेत्रीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की थी। इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई थी। जांच में सड़क निर्माण में उपयोग की गई सामग्री और कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे।
जांच के बाद अब ठेकेदार ने खराब हिस्सों को मशीन से उखाड़ना शुरू कर दिया है और दोबारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत से ही गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता तो सरकारी राशि की बर्बादी नहीं होती। वहीं अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

आपको बता दे कि जावरा फाटक अंडर ब्रिज - सेजावता फंटा में हुए घटिया निर्माण को लेकर coverstory24 पर लगातार ख़बरें प्रकाशित की गई थी। यह निर्माण इंदौर की कंपनी पृथ्वी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि द्वारा किया गया था। जिस पर मंत्री काश्यप ने संज्ञान लिया था और 5 सदस्यों की टीम बनाकर जांच करने के निर्देश दिए थे। यह फोरलेन लगभग 4.12 किमी. लंबा हे जो दो हिस्सों में बना है। आधा फोरलेन सीमेंट कांक्रीट ओर आधा डामर का मिलकर बना है । इसी फोरलेन की जांच करने निर्माण विभाग की टीम शुक्रवार को रतलाम पहुंची थी। दल के मौके पर पहुंचने पर pwd विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी महेंद्र चौहान भी मौके पर पहुंचे। चौहान के अनुसार ही रोड़ सैंपलिंग के नमूने कोर कटिंग कर लिए गए थे।

इस दौरान भाजपा नेता शेरू पठान भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने जहां जहां से रोड बैठ गया हे वहां से सैंपल लेने को कहा लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात को नजर अंदाज कर दिया ओर चलते बने। बताया जा रहा हैं कि रोड के सैंपल सिर्फ 2 जगह से लिए गए है। जिसमें सिर्फ सीमेंट कांक्रीट का ही सैंपल लिया गया। लेकिन डामर रोड का कही से भी सैंपल नहीं लिया। जिसको लेकर आपत्ति ली गई। अधिकारियों द्वारा 2 जगह से सैंपल लेकर चले गए। इस दौरान मीडिया ने जब चर्चा करना चाही लेकिन वे कुछ नहीं बोले। ओर सवालों से बचते नजर आए थे। 

उल्लेखनीय है कि जावरा फाटक अंडर ब्रिज से लेकर सेजावता फंट तक करीब 17 करोड़ की लागत से फोरलेन का निर्माण किया गया हैं । इस रोड निर्माण का काम बेहद घटिया स्तर का होने और लगातार उखडऩे को लेकर 4 फरवरी 2026 को coverstory24 न्यूज चेनल द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। जिससे शासन-प्रशासन में हडक़ंप मच गया था। कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को दिए थे। इसके साथ ही  मंत्री काश्यप द्वारा लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह को भी इस घटिया निर्माण के बारे में जानकारी देते हुए अवगत कराया था। मंत्री श्री सिंह ने तत्काल घटिया निर्माण को संज्ञान में लेते हुए विभाग से जाँच कराने हेतु आश्वस्त किया था। विभाग ने सडक निर्माण कार्य की गुणवत्ता जाँच के लिए एक समिति का गठन किया। यही जांच दल आज रतलाम आया था और इस रोड से सैंपल लिए गए। मंत्री काश्यप ने इस घटिया निर्माण पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए इस रोड की जांच उच्च स्तरीय अधिकारियों से करवाने के निर्देश जारी किए थे लेकिन स्थानीय अधिकारियों द्वारा ठेकेदार के साथ इसमें लीपापोती की जा रही है।