चायना डोर बनी जान की दुश्मन 3 लोगों के गले कटे एक युवक की सांस नली जोड़कर बचाई जिंदगी दंपत्ति सहित 6 घायल
रतलाम। कलेक्टर ने चाइना डोर पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन कुछ लोग लालच के लिए सस्ती चायना डोर बेधडक़ बेचते रहे, जिसका नतीजा ये हुआ कि एक युवक की गर्दन और सांस नली और उसकी जान पर आफत में आ गई। गनीमत रही कि डाक्टरों ने देवदूत बनकर 45 मिनिट आपरेशन करके युवक की जान बचा ली। इसके साथ ही पांच अन्य लोग भी चायना डोर की चपेट में आ गए। जिनके गले और हाथ में चोट आई हे सभी का जिला अस्पताल में इलाज च रहा है।
जानकारी के अनुसार जावरा रोड शिवशंकर कॉलोनी के आगे वाले ब्रिज परं फोरलेन रोड से बाईक पर जा रहा 18 वर्षीय युवक चायना डोर की चपेट में आ गया। जिससे उसकी सांस नली कट गई। जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने 45 मिनट तक सर्जरी कर करीब 25 टांके लगाकर उसकी जान बचाई। इसके साथ ही दोपहर में ही करीब 3.30 बजे एक दंपत्ति घटला कालोनी स्थित मच्छी मार्केट से जा रहे थे जो चायना डोर के चपेट में आ गए। जिसके उनके हाथ ओर गले में गंभीर चोटें आईं। सुभाष नगर निवासी आनंद गोसर उम्र 25 वर्ष पत्नी मुस्कान उम्र 23 के साथ मंदसौर जिले के नाहरगढ़ जा रहे थे। मच्छी बाजार के पास अचानक पतंग की डोर उनके गले से टकरा गई। आनंद के गले और उंगलियों पर चोट लगी, जबकि पत्नी मुस्कान की उंगली कट गई।
वहीं दोपहर में ही 6 साल का एक बच्चा भी चायना डोर की चपेट में आ गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार स्कूटी से जाते समय डोर अचानक आने से बच्चे के गले में रगड लग गई। वहीं सिलावटों का वास निवासी श्याम बंजारा भी अपने 6 साल के बेटे नैतिक की डोर से पैर में चोट लग गई।
रात करीब 8 बजे जावरा रोड अंडरब्रिज के पास भी एक युवक चायना डोर की चपेट में आ गया। बांगरोद निवासी जितेंद्र प्रजापत उम्र 22 बाइक से कही जा रहा था। जावरा फाटक ये यहां डोर की चपेट में आए और गले में कट लग गया। आरएमओ डॉ.अभिषेक अरोरा ने बताया कि सांस नली नहीं कटी है। इलाज किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार बापुनगर निवासी समीर उम्र १8 पुत्र स्वर्गीय शकूर खान शनिवार की शाम करीब 4.40 बजे घर से बाइक पर सवार होकर कुछ सामान खरीदने बाजार जा रहा था। वह जावरा रोड पर घटला ब्रिज के समीप गैस गोदाम के पास पहुंचा था, तभी कटी पतंग की डोर उसके गले में आकर गिरी और गले को काटते हुए अंदर तक जा फंसी। इससे उसके गले से खून बहने लगा। वह बाइक रोक कर खड़ा हो गया तथा राहगीरों से मदद मांगने लगा। इसी बीच वहां से बाइक पर जा रहे पत्रकार समीर खान निवासी पुराना आरटीओ आफिस के पास ने उसे देखा तो वे उसके पास पहुंचे तथा दांतों से डोर काटकर उसके गले से निकालकर अलग की। इसी बीच राहगीर पप्पू वसुनिया निवासी बापू नगर, शीला वर्मा निवासी डोसीगांव पीएम आपास मल्टी व अन्य लोग भी पहुंचे। पत्रकार समीर खान ने पप्पू व शीला वर्मा से घायल समीर को अस्पताल ले जाने का निवेदन किया। पप्पू व शीला एक बाइक पर बैठाकर घायल समीर को अस्पताल ले गए, जहां सर्जन डॉ. गोपाल यादव, ईएनटी सर्जन डॉ. अजय पाटीदार, ड्यूटी डॉक्टर अभिषेक अरोड़ा व उनकी टीम ने करीब 45 मिनट तक आपरेशन कर घायल समीर का गला व श्वास नली को रिपेयर किया। समीर के गले में करीब 25 टांक लगाए गए। आपरेशन के बाद उसे आइसीयू में शिफ्ट किया गया। वह अभी बोल नहीं पा रहा है। खबर फैलने पर उसकी मां शहनाज, आसपास के अन्य लोग तथा परिचित अस्पताल पहुंचे। समीर गरीब परिवार से होकर परिवार में मां-बेटे ही है। मां ने बताया कि समीर उनका इकलौता पुत्र है। समीर के पिता का छह वर्ष पहले निधन हो चुके है।

देवदूत बनकर डाक्टरों ने बचाई समीर की जान
घायल समीर खान को अस्पताल लाए जाने की सूचना सबसे पहले सिविल सर्जन डॉ.एस.एस.सागर को दी गई जिन्होनें डॉक्टरों की टीम तत्काल उसके इलाज के लिए तैयार कर दी। जैसे ही घायल समीर जिला अस्पताल पहुंचा उसे आपरेशन रूम में ले जाया गया तथा कुछ ही देर में उसकी आपरेशन शुरू किया गया। डॉक्टरों का कहना था कि समीर को अगर 5 मिनिट और देरी से लाया जाता तो उसकी जान जा सकती थी। डॉ गोपाल यादव व डॉ अजय पाटीदार ने बताया कि समीर का गला पतंग की डोर से कटा, गले की मसल्स भी डेमेज हुई है तथा सांस नली पूरी कट गई थी। आपरेशन कर अंदर टयूब डाली गई है अभी मरीज की हालात गंभीर है और उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। समीर को ठीक होने में करीब एक से डेढ माह का समय लगेगा
मंदसौर जा रहे पति पत्नी भी चायना डोर की चपेट में
चायना डोर का कहन पूरे दिन शहरवासियों पर बरपा रहा। दोपहर करीब ३.३० बजे घटला ब्रिज के आगे मछली मार्केट के पास 25 वर्षीय आनंद गोसर व उनकी पत्नी मुस्कान चायना डोर की चपेट में आ गए। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आंनद ने बताया कि वह रक्षाबंधन पर्व मनाने पत्नी को बाइक पर बैठाकर दोपहर करीब साढ़े तीन बजे नाहरगढ़ (मंदसौर) स्थित ससुराल जा रहे थे। वे मछली मार्केट के पास पहुंचे थे, तभी कहीं से पतंग की डोर आनंद के गले पर आकर गिरी, जिससे गले में काफी चोट आई। उन्होंने डोर हाथ से पकडक़र दूर करने का प्रयास किया तो उनके हाथ की अंगूलियों में भी चोटे आई व खून निकलने लगा। उनकी पत्नी ने डोर हटाने का प्रयास किया तो उनके भी हाथ में चोट आई। उधर, शाम करीब सवा छह बजे लक्कड़पीठा से लगे छोटूभाई की बगीची क्षेत्र में पतंग की डोर से छह वर्षीय नैतिक पिता श्याम बंजारा घायल हो गया। उसके पैर की एडी में चोट आइ है। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। पिता ने बताया कि नैतिक घर के बाहर खेल रहा था, कहीं डोर पड़ी थी जो उसके पैर में उलझ गई और उसके उल्टे पैर की एडी के पीछे का भाग कट गया।
रात करीब ८ बजे बांगरोद निवासी जितेंद्र प्रजापत उम्र 22 बाइक से कही जा रहा था। जावरा फाटक ये यहां डोर की चपेट में आए और गले में कट लग गया। आरएमओ डॉ.अभिषेक अरोरा ने बताया कि सांस नली नहीं कटी है। इलाज किया जा रहा है।
