जनसुनवाई में कलेक्टर एसपी नहीं कर पाए समाधान, पीड़ितों ने खुद दबंगों के कब्जे से मुक्त करवा लिए प्लाट, करीब 2 साल से अधिकारियों से लगा रहे थे गुहार, आवेदन और आश्वासन के बाद थके 18 प्लांट मालिक, मौके पहुंचे प्लांट मालिक हटाया कब्जाधारी के पिल्लर
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रतलाम। अपनी मेहनत की कमाई से खरीदे गए प्लॉट पर भूमाफियों के कब्जे की शिकायत जब अधिकारियों ने नहीं सुनी तो पीड़ितों ने खुद अपने प्लॉट पर कब्जे हटाना शुरू कर दिया। पीड़ितों ने अपने प्लॉट पर की गई बेरिकेडिंग तोड़ कर खुद इंसाफ कर लिया। पीड़ितों का कहना था कि वे 2 साल से ज्यादा समय से परेशान हो रहे हैं। जनसुनवाई में कई बार शिकायत की लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी, इसी से परेशान होकर उन्होंने खुद उनके प्लॉट पर लगाए गए पिलर और तार हटा दिए।

पीड़ितों ने जानकारी देते हुए बताया कि काला गोरा भेरू जी मंदिर के सामने सर्वे क्रमांक 730/1 /2/3 सम्पूर्ण जमीन से जुड़ा मामला है। इस जमीन के प्लाटों के 18 मालिक विगत दो सालों से जनसुनवाई व अन्य विभागों में चक्कर खा खा कर अपने आप को ठगा महसूस करनें लगें हैं । यह सभी प्लांट मालिक सीमांकन व कब्जा दिलावाने के कलेक्टर कार्यालय में भी चक्कर लगा चुके हैं प्लांट मालिक 11-3-24 से अब तक कलेक्टर कार्यालय में लगातार आवेदन दे रहें हैं । वर्ष 2023 जिसमें राजस्व विभाग अधिकारी व पटवारीयों का एक दल भी गठित हुआ था को आदेश जारी किया गया था मगर मौके पहुंचे के बाद भी आज तक ना रिपोर्ट बनी और ना हमें हमारा हक थक हार प्लांट मालिक स्वयं मौके पर पहुंचे और अपना कब्जें के प्लांट से अवैध कब्जे करनें वाले रसूखदार द्वारा लगाए पिल्लर और फेसिंग हटा दिए।

इनका कहना है हम हमारा हक ले रहें हैं यदि अब भविष्य में कोई हमारे प्लांट पर कब्जा करगा तो हम उसे नहीं छोड़ेंगे हम प्रशासन से मांग करतें हैं हमें सुरक्षा भी प्रदान की जाए।
पीड़ितों ने बताया कि जनसुनवाई में वे कई बार आवेदन दे चुके हे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। मामले को लेकर सिर्फ एक बार दल गठित किया गया था लेकिन इस दल ने भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं की ओर आजतक ने अपने प्लॉट पर मकान बनाने के लिए परेशान हो रहे हे।
अधिकारियों का कहना हे कि आप प्लॉट मालिक हो खुद कब्जा कर लो, जिसके बाद पीड़ितों ने अपने प्लॉट पर अवैध तरीके से किए गए कब्जे और पिलर को हटाकर तार फ्रेंसनिंग तोड़ दी।

सूत्रों की माने तो इन प्लाटो पर कब्जा सत्ताधारी दल के किसी रसुखदार का बताया जा रहा हैं और आसपास के लोगों के द्वारा किसी का नाम नहीं लिया जा रहा है। वही प्लॉट मालिकों को भी इसकी जानकारी हे लेकि वे भी डर के मारे किसी का नाम नहीं ले पा रहे हैं लेकिन वे सिर्फ प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाना चाहते हे लेकिन उनकी तरफ से भी कोई राहत नहीं मिली।


