हाट रोड़ क्षेत्र में कबाड़ा गोदाम में लगी आग, दमकल की 30 गाड़ियों ने 3 घंटे में पाया आग पर काबू, निगम कमिश्नर अनिल भाना की लापरवाही से रातभर दहशत में रहे रतलामी

हाट रोड़ क्षेत्र में कबाड़ा गोदाम में लगी आग, दमकल की 30 गाड़ियों ने 3 घंटे  में पाया आग पर काबू, निगम कमिश्नर अनिल भाना की लापरवाही से रातभर दहशत  में रहे रतलामी
रतलाम। शहर के बीचो बीच रात में एक बार फिर आगजनी की घटना हुई और इस घटना ने ना सिर्फ शहर के नागरिकों को रात भर दहशत में रखा, बल्कि इससे निगम कमिश्नर अनिल भाना की लापरवाही और प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई  पर भी सवाल खड़े किए। रात में लगी आग के बाद निगम की कार्यवाही पर भी सवाल उठने लगे हे। 
हाट रोड क्षेत्र में आधी रात को कबाड़ गोदाम में लगी आग करीब तीन घंटे तक जलती रही जिसे बुझाने में करीब 30 फायर लारिया का सहारा लेना पड़ा। हैरान करने वाली बात यह रही कि आगजनी की इस घटना पर प्रशासन के बडे अधिकारी यहा नही पहुंचे। 

जानकारी के अनुसार देर रात हाट रोड स्थित वेद व्यास कॉलोनी के कॉर्नर पर स्थित एक कबाड गोदाम में आग लगी।  आग की लपटे जब 30 फिट ऊंची उठने लगी तो आसपास के लोगों ने निगम के फायर अधिकारियों को सूचना दी। जिसके बादशहर  सहित आसपास के क्षेत्रों से दमकलों की गाड़ियां  पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।रात करीब 4 बजे तक आग पर काबू पाया गया। आग की स्थिति यह थी कि आग बुझाने का प्रयास नगर निगम की फायर लॉरी के कर्मचारी करते रहे। एक तरफ आग को बुझाया जाता तो दूसरी तरफ से आग की लपटे उठने लगती। जिससे दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करना पड़ी। 
बताया जा रहा है कि  गोडाउन में प्लास्टिक का सामान, कागज के पुस्टें,  कांच की बोतलें रखी थीं, जो पूरी तरह जल गईं। यहां गैस सिलेंडर और घरेलू गैस सिलेंडर भी रखे थे, जिन्हें समय रहते निकालकर सामने वाली बिल्डिंग में रख दिया गया। जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस दौरान आसपास के लोगों ने भी आग बुझाने में मदद की। 
गोदाम में लगी आग इतनी भयावह थी दूर-दूर तक आग का धुआं दिखाई दे रहा था। आग की सूचना पर सबसे पहले हाट की चौकी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। 

जिस गोदाम पर आग लगी उसी जगह बिजली कंपनी की डीपी भी लगी हुई थी। आग के कारण हाट की चौकी, वेद व्यास कॉलोनी समेत आसपास के क्षेत्र की विद्युत सप्लाई बंद करना पडी। अब से पास में बनी दुकानों  की छत पर रखा सामान भी जलकर खाक हो गया। यह दुकानों का फ्रीज व कूलर पंखे छत पर रखे थे। आग के कारण वह भी जल गए।। एक तरफ इस आगजनी में कबाड़ी का नुकसान होना बताया जा रहा तो वहीं दूसरी तरफ यह स्पष्ट नही हुआ कि यह आग किन कारणों से लगी। वही इस आग के कारणों से निगम कमिश्नर अनिल भाना की लापरवाही भी सामने आई जो सिर्फ अपने हित से मतलब रखते हे। लंबे समय से क्षेत्र में कबाड़ा गोदाम चल रहा हे लेकिन उन्होंने को सख्त एक्शन नहीं लिया। जिसकी वजह से रातभर शहरवासी दहशत में रहे।

-चार साल पहले शहर से कबाड़ा गोदाम बाहर करने के निर्देश, जिम्मेदार  नहीं करते कार्यवाही
रतलाम शहर के कई आबादी वाले इलाकों में कबाड़ा, लकड़ी, प्लास्टिक पाइप, ट्रांसपोर्ट गोदाम जैसी ज्वलनशील सामग्री के भंडारण स्थल मौजूद हैं। वर्ष 2021 में मोहननगर क्षेत्र में प्लास्टिक पाइप के गोदाम में लगी भीषण आग के बाद तत्कालीन कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने शहर से 67 गोदाम हटाने के निर्देश जारी किए थे। नोटिस भी दिए गए, पर कार्रवाई आज तक अधूरी है।
बीते डेढ़ वर्ष में ही शहर में तीन बड़े अग्निकांड-30 नवंबर 2024 (विरियाखेड़ी), 17 अक्टूबर 2025 (पटेल कॉलोनी) और अब हाट रोड ने सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिक लगातार मांग कर रहे हैं कि आबादी के बीच स्थित ऐसे खतरनाक गोदामों को शहर से बाहर स्थानांतरित किया जाए, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।