अवैध हिरासत मामला: इंदौर हाई कोर्ट ने तत्कालीन एसडीएम को किया व्यक्तिगत तलब

रतलाम में कांग्रेस कार्यकर्ता और पत्रकार हिम्मत जैथवार को 5 दिनों तक कथित रूप से अवैध हिरासत में रखने के मामले में माननीय इंदौर उच्च न्यायालय ने तत्कालीन एसडीएम संजीव केशव पांडे को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। वर्तमान में धार जिले में अतिरिक्त कलेक्टर (ADM) के पद पर तैनात पांडे को अब कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर उन पर लगे गंभीर आरोपों का उत्तर देना होगा। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता नवेंदु जोशी और रोहित शर्मा ने न्यायालय में अपना पक्ष रखा।

क्या था पूरा मामला?

मामला जुलाई 2022 का है, जब रतलाम नगर निगम चुनाव के दौरान तत्कालीन वित्त मंत्री (वर्तमान उपमुख्यमंत्री) जगदीश देवड़ा चुनाव प्रचार के लिए रतलाम आए थे। पत्रकार हिम्मत जैथवार ने उनका साक्षात्कार लेने का प्रयास किया था, जिससे नाराज होकर प्रशासन ने 20 जुलाई की आधी रात को उन्हें धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि 21 जुलाई को एसडीएम पांडे के समक्ष पेश किए जाने पर, पर्याप्त जमानत बॉन्ड और कानूनी दस्तावेज पेश करने के बावजूद, एसडीएम ने उन्हें जमानत देने के बजाय नियम विरुद्ध तरीके से जेल भेज दिया।

5 दिन की जेल पर देना होगा जवाब जवाब 

हिम्मत जैथवार को 5 दिन बाद 26 जुलाई 2022 को रिहा किया गया था। इस 'अवैध' कार्रवाई को चुनौती देते हुए जैथवार ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी को स्वयं हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर पद के दुरुपयोग और नागरिक अधिकारों के हनन से जुड़ा है।