खबर का असर: सुजलाना पंचायत में श्मशान रोड की राशि डकारने वाले सरपंच सचिव ने शुरू किया काम, 6 माह पहले निकाल ली थी 3 लाख से ज्यादा की राशि, खबर के बाद जागे जिम्मेदार
रतलाम। सुजलाना पंचायत में श्मशान रोड निर्माण को लेकर सामने आए भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले में आखिरकार खबर का असर देखने को मिला। करीब 6 माह पहले पंचायत द्वारा श्मशान रोड निर्माण के नाम पर 3 लाख रुपए से अधिक की राशि निकाल ली गई थी, लेकिन मौके पर एक भी ईंट नहीं रखी गई थी। ग्रामीण लंबे समय से खराब रास्ते और अधूरे निर्माण से परेशान थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि मामले को लगातार नजरअंदाज करते रहे।

मामले के उजागर होने और coverstory24.in पर खबर प्रकाशित होने के बाद पंचायत प्रशासन में हड़कंप मच गया था। जिस सड़क का निर्माण महीनों तक शुरू नहीं हुआ, उस पर अब अचानक मजदूर और निर्माण सामग्री दिखाई देने लगी है। पंचायत के सरपंच और सचिव द्वारा आनन-फानन में काम शुरू करवाया गया, जिससे साफ है कि जिम्मेदारों ने खबर सामने आने के बाद ही सक्रियता दिखाई।

ग्रामीणों का आरोप था कि पंचायत द्वारा श्मशान रोड निर्माण के लिए राशि निकालने के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया था और कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। बरसों से लोग कच्चे और जर्जर रास्ते से श्मशान तक जाने को मजबूर थे। बारिश के समय स्थिति और भी खराब हो जाती थी, जिससे अंतिम यात्रा तक निकालने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत ने कागजों में विकास कार्य दिखाकर राशि तो निकाल ली, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं किया गया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों में भी आक्रोश बढ़ गया था। लोगों ने आरोप लगाया कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर लगातार अनियमितताएं हो रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी जांच करने की बजाय मामले को दबाने में लगे रहते हैं।
खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लिया और निर्माण कार्य शुरू करवाने के निर्देश दिए। इसके बाद अब सड़क निर्माण का काम शुरू हो गया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि केवल काम शुरू कर देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत द्वारा निकाली गई राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और यह जांच की जाए कि आखिर 6 माह तक निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं किया गया। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है, ताकि घटिया निर्माण कर सरकारी राशि का दुरुपयोग न किया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मीडिया द्वारा मामला उजागर नहीं किया जाता तो शायद यह काम भी लंबे समय तक अधूरा पड़ा रहता। अब लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा और पंचायत में हो रहे विकास कार्यों की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।
गौरतलब है कि सुजलाना पंचायत के सरपंच और सचिव ने सीसी रोड के नाम पर बड़ा घोटाला किया था। यहां मुक्तिधाम तक बनने वाले सीसी रोड़ के नाम पर लगभग तीन लाख रुपए से ज्यादा की राशि आहरण कर ली थी । सीसी रोड की राशि भी करीब 6 माह पूर्व निकाली जा चुकी थी और मौके पर कुछ भी निर्माण नहीं हुआ है। इस भ्रष्टाचार को लेकर करीब 5 महीने पहले (coverstory 24) ने खबर भी प्रकाशित की थी और जिला पंचायत के जिम्मेदारों को अवगत भी कराया था जिसके बाद जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ निर्देशक शर्मा ने सरपंच और सचिव को फटकार लगाते हुए शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद सीसी रोड का काम शुरू हुआ।
6 महीने पहले निकाल ली थी 3 लाख से ज्यादा की राशी
सरपंच और सचिव ने मिलीभगत कर सीमेंट बैग के नाम पर 97200, 39600 का भुगतान कर दिया ओर गिट्टी के नाम पर 80000 हजार, बालुरेट के नाम पर 63000 का भुगतान कर दिया। रतलाम जनपद की ग्राम पंचायत सुजलाना की सरपंच एवं सचिव ने ग्राम पंचायत के कोदरपाड़ा में श्मशानघाट तक बनने वाले सीसी रोड़ के लिए मिले ७ लाख में से तीन लाख से ज्यादा की राशि का भुगतान कर दिया। यहां जिन बिलों का भुगतान हुआ है उसमें बालूरेत और सीमेंट और गिट्टी शामिल है। इनता ही नही जिस सामग्री का करीब छः माह पहले भुगतान किया गया है वो पंचायत को सप्लायर द्वारा कब से भेजी जा चुकी है। लेकिन निर्माण सामग्री मौके पर नही मिली। सिर्फ एक डंपर गिट्टी दिखाई दे रहा था।
