रतलाम। शहर की कॉलोनियों में लगातार हो रही चोरी की वारदातों के मामले में रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चड्डी-बनियान गैंग से जुड़े तीन कथित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, चोरी का सामान खरीदने के आरोप में 74 वर्षीय एक बुजुर्ग को भी पकड़ा गया है। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में चोरी से पहले हाथ में मन्नत का धागा बांधने और वारदात के बाद उसे उतारने की बात सामने आई है। आरोपियों के करीब 18 साल तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहने का दावा भी किया जा रहा है।
एएसपी राकेश पंद्रो ने पत्रकार वार्ता में बताया कि आरोपी पिछले करीब आठ महीने से रतलाम की अलग-अलग कॉलोनियों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने जांच तेज की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गुजरात के दाहोद जिले के जैसावाड़ा थाना क्षेत्र से जुड़े संदिग्धों तक पुलिस पहुंची और कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया।
पुलिस ने कालू पिता भीमा उर्फ भीमजी, नभला पिता भीमा उर्फ भीमजी और मालाभाई पिता जोटाभाई उर्फ जोर सिंह मावी को गिरफ्तार किया है। तीनों गुजरात के दाहोद जिले के निवासी बताए गए हैं।
इसके अलावा, चोरी का सामान खरीदने के आरोप में 74 वर्षीय मणिशंकर उर्फ पोपटलाल पिता केशवलाल पांचाल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में चोरी का सामान उसे बेचने की जानकारी सामने आई थी।
मामले में संजयभाई पिता दलसिंह मावी निवासी वाडवा, थाना जैसावाड़ा, जिला दाहोद अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 1 किलो 200 ग्राम चांदी, 40 ग्राम सोने के आभूषण और 9 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद सामग्री को शहर में हुई चोरी की विभिन्न वारदातों से जोडक़र जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में अन्य घटनाओं और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।
पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड लेने की प्रक्रिया करेगी, ताकि चोरी की अन्य वारदातों और बरामद संपत्ति के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा सके।
आरोपियों की गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक विनोद कटारा, देवीलाल पाटीदार, ध्यानसिंह सोलंकी, प्रधान आरक्षक अनिल सोलंकी, निलेश पाठक, अभिषेक पाठक, आरक्षक रवि चंदेल, गोविंद गेहलोत, दीपक मकवाना और जीवन विश्वकर्मा सहित थाना माणकचौक की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वहीं, उप पुलिस अधीक्षक गायत्री सोनी, निरीक्षक अमित कोरी, उपनिरीक्षक उदयभान राय, प्रधान आरक्षक राघु भिंडे, आरक्षक विजय सिंह मालवीय, राणा प्रताप, ओम पारगी, गौरव भारती, कलसिंह मईडा तथा साइबर सेल के उपनिरीक्षक जीवन बारिया, आरक्षक विपुल और उनकी टीम का भी सराहनीय योगदान रहा।