नायब तहसीलदार से परेशान होकर पटवारी ने की आत्महत्या, सुसाईड नोट में अधिकारी पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप, परिजनों किया पोस्टमार्टम से इंकार, कलेक्टर ने किया नायब तहसीलदार के निलंबित

नायब तहसीलदार से परेशान होकर पटवारी ने की आत्महत्या, सुसाईड नोट में अधिकारी पर  लगाया प्रताड़ित करने का आरोप, परिजनों किया पोस्टमार्टम  से  इंकार, कलेक्टर  ने किया नायब तहसीलदार  के निलंबित

रतलाम। जिले के आलोट में पदस्थ एक पटवारी ने अपने उच्च अधिकारी नायब तहसीलदार से काम के दबाव में आकर आत्महत्या कर ली और एक सुसाइड नोट भी छोड़ दिया।जिसमें उसने अपने अधिकारी पर गलत काम करने का जिक्र भी किया है। पटवारी की आत्महत्या से आक्रोशित परिजनों और नाराज पटवारियों ने दोषी अधिकारी पर कार्यवाह की माँग की। ओर रात भर थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे। ओर सुबह मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम करने से भी इंकार कर दिया।परिजनों की मांग की थी दोषी नायब तहसीलदार को निलंबित किया जाए और उनपे केस दर्ज किया जाए। इस दौरान सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केसु निनामा, जीवनसिंह शेरपुर, जयस नेता चंदू मईडा, पटवारी संघ जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदारसहित मृतक के परीजन ओर जिले के पटवारी उपस्थित थे। 

जानकारी के अनुसार आलोट के खजुरी देवड़ा में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी ने अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के पास से एक लेटर भी मिलने की बात सामने आई है!
मृतक ने पत्र में उल्लेख किया है कि वह पटवारी पद पर कार्यरत था और उस पर वरिष्ठ अधिकारी द्वारा लगातार काम का दबाव बनाया जा रहा था। पत्र में यह भी लिखा गया है कि भाई की शादी जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक अवसर के दौरान भी उसे कई बार बुलाया गया और कार्य को लेकर दबाव बनाया गया। इससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था। पत्र में “छुट्टी नहीं मिलने” का सीधा उल्लेख भले न हो, लेकिन परिस्थितियों का वर्णन इस ओर संकेत करता है कि अवकाश के दौरान भी कार्य का दबाव बना रहा।


घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मृतक का पोस्टमार्टम रतलाम में किया जाना था। जिसकी रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होना थी। पुलिस का कहना है कि पत्र की हैंडराइटिंग की जांच, संबंधित अधिकारियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित नायब तहसीलदार को  पहले रतलाम मुख्यालय अटैच किया गया ओर उसके बाद दोपहर में कलेक्टर ने निलंबित कर दिया। लेकिन सैलाना विधायक और  परिजन नायब तहसीलदार पर केस दर्ज करने की मांग को लेकर अड़े रहे ओर पोस्टमार्टम केस दर्ज होने के बाद करने की बात कहते रहे। शाम करीब 4 बजे तक भी अधिकारियों ओर धरना देने वालों के बीच कोई समन्यव नहीं बना।