बलराम महोत्सव में ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर ने मौका मिलते ही सीएम से कर डाली काम की बात, नर्मदा का पानी रतलाम लाने की मांग , बोले किसानों को मिलेगा सिंचाई में लाभ
रतलाम। कृषि उपज मंडी रतलाम में बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम के दौरान जहां एक तरह जिले के विधायक सीएम से आनलाइन चर्चा के दौरान योजनाओं का बखान कर रहे थे और सीएम की तारीफ कर रहे थे। वही रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर ने माइक हाथ में आते ही सीएम मोहन यादव से काम की बात कर डाली। विधायक डामर ने सीएम से चर्चा करते हुए बिना किसी बखान के जिले के किसानों के लिए सिंचाई को महत्वता देते हुए नर्मदा का पानी रतलाम लाने की बात कह डाली। डामर ने कार्यक्रम के दौरान सीएम से कहा कि मोदी जी का विकसित भारत तब बनेगा जब नर्मदा का पानी रतलाम तक आएगा। इस पर मोहन यादव ने जल्द इस पर काम करने की बात कही।

दरअसल रतलाम में बलराम महोत्सव का कार्यक्रम चल रहा था। जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से जुड़े और किसानों से संवाद किया। महोत्सव के दौरान किसानों को आधुनिक खेती, बागवानी, जैविक एवं प्राकृतिक खेती सहित कृषि क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों और नई तकनीकों की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रतलाम के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि रतलाम की धरती अद्भुत है। यहां किसान खेती में बदलाव के साथ अलग-अलग प्रकार की खेती कर रहे हैं। उन्होंने किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित करने तथा जैविक और प्राकृतिक खेती को और अधिक बढ़ावा देने पर जोर दिया।
ग्रामीण विधायक ने उठाई नर्मदा का पानी रतलाम लाने की मांग
कार्यक्रम के दौरान रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने रतलाम में सिंचाई और पेयजल की जरूरतों को देखते हुए नर्मदा का पानी रतलाम लाने की मांग रखी। विधायक ने कहा कि यदि नर्मदा का पानी रतलाम तक पहुंचता है तो जिले के किसानों को सिंचाई के लिए बड़ा लाभ मिल सकता है और कृषि क्षेत्र में भी व्यापक बदलाव आएगा।
वहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए चंबल नदी से पानी लाने की संभावनाओं पर कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने नदी जोड़ो परियोजनाओं से क्षेत्र में व्यापक बदलाव आने की बात भी कही।
उन्नत किसानों से किया संवाद
महोत्सव के दौरान जिले के उन्नत किसानों से मुख्यमंत्री ने संवाद किया। किसानों ने आधुनिक खेती, बागवानी, दुग्ध उत्पादन और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे अपने नवाचारों की जानकारी साझा की।
किसानों को कृषि से जुड़ी योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के लिए मंडी परिसर में 16 स्टॉल की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न योजनाओं और कृषि नवाचारों की जानकारी प्राप्त की।
