बाल दिवस विशेष:जब चाचा नेहरू से मिली थी रतलाम की बेटी, नेहरू ने गोद में उठाकर किया था दुलार, पढ़िए ये खास रिपोर्ट

बाल दिवस विशेष:जब चाचा नेहरू से मिली थी रतलाम की बेटी, नेहरू ने गोद में उठाकर किया था दुलार, पढ़िए ये खास रिपोर्ट

रतलाम। (समीर खान) पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन  को बाल दिवस के रुपए मनाया जाता है लेकिन बाल दिवस रतलाम के लिए कुछ खास इस लिए भी हैं क्योंकि रतलाम की बेटी नेहरू से मिली थी और नेहरू ने उन्हें गोद में उठाकर प्यार और दुलार भी दिया था।

ये किस्सा रतलाम की प्रोफेसर डॉ कल्पना जयपाल की माताजी का है। यहां जानकारी देते हुए प्रोफेसर डॉ कल्पना ने बताया कि ये उनकी माता रतलाम की बेटी सुशीला जयपाल  जब छोटी थी तो ओर 14 नवम्बर 1964 को गांधी सागर बांध बनने के अवसर पर  उसके उद्घघाटन के लिए प्राइम मिनिस्टर जवाहरलाल नेहरू जी को  बाल दिवस के दिन आमन्त्रित किया गया था। तब वहां के रहवासियों एवं बाधं बनाने में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चों ने सांस्कृतिक वेशभूषा में उनका स्वागत  किया था और ये आयोजन प्रोफेसर डॉ कल्पना जयपाल के नानाजी स्व.भगवान भाई ने करवाया था। प्रोफेसर कल्पना जयपाल  ने बताया कि उनके नानाजी उस समय वहां पर लेबर आफीसर थे। रात हो गई, बहुत देर तक चाचा नेहरू नही आये थे। वहां के कार्यकर्ता सभी बच्चों को  मुश्किल से सभांल रहे थे और बोल रहे थे कि चाचाजी अभी आएंगे। इतंजार खत्म हुआ और नेहरु जी आए,बच्चों का प्रोग्राम हुआ। डा कल्पना की माताजी सुशीला जयपाल  द्वारा मारवाड़ी परिधान पहना हुआ था। और सभी बच्चों अच्छी प्रस्तुति दी थी। उस वक्त उनकी आयु 6 वर्ष थीं। सब बच्चों की नेहरु जी ने प्रशंसा की तो माताजी सुशीला के कहा की चाचाजी आप इतनी देरी से क्यों आए मुझे तो नींद आने लगी थीं। तो उन्होंने मुझे उठाया और बोले कि अब हम आ गए हैं बेटा आप परेशान ना हो, मेरे लाड़ कीए और कहा कि बड़ी प्यारी बच्ची हैं किसकी हैं तो मेरे नानाजी जिन्हें हम बापूजी बोलते थे।

बापुजी आगे आए और बहुत खुश हुए और हम बच्चों के साथ चाचा नेहरू जी ने  कई सारे फोटो खिंचवाए। फोटो तो  गांधीसागर बांध के उदघाटन के बाद वहां पर किसी किताब में छपा था उसमेंसे काटकर बापुजी ने फ्रेम करवाया था

(डॉ कल्पना जयपाल, प्रोफेसर लेखिका)