कलेक्टरेट के गेट पर पुलिस और कांग्रेसियों में हुई झुमाझटकी, दोनों तरफ से गेट खोलने को लेकर जोर आजमाइश कांग्रेस ने रतलाम में निकाल किसान न्याय यात्रा

कलेक्टरेट के गेट पर पुलिस और कांग्रेसियों में हुई झुमाझटकी, दोनों तरफ से गेट खोलने को लेकर जोर आजमाइश   कांग्रेस ने रतलाम में निकाल किसान न्याय यात्रा

रतलाम। रतलाम में कांग्रेस ने किसान न्याय यात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेसी शामिल हुए। खराब हुई फसलों के मुआवजे ओर किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर कांग्रेसी ट्रैक्टर रैली निकाल कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जहां मुख्य द्वार का बेरीकेट्स बंद करने से नाराज कांग्रेसियों ने बेरीकेट्स को धक्का देते हुए अंदर प्रवेश किया। इस दौरान पुलिस से कांग्रेसियों की झूमाझटकी हुई ओर दोनों तरफ से गेट खोलने को लेकर जोर आजमाइश होती रही।

किसान आक्रोश ट्रैक्टर रैली मंगलवार को जिलाध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत, किसान कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में निकाली गई। सैलाना बस स्टैंड स्थित सब्जी मंडी से रैली प्रारंभ हुई। शहर के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई रैली कलेक्टोरेट पहुंची। प्रदेश कांग्रेस किसान अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान खुद ट्रैक्टर चलाते हुए कलेक्टरेट पहुंचे। उनके साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, हर्ष विजय गेहलोत भी ट्रैक्टर पर सवार थे। 

गेट पर हुई धक्कामुक्की

जैसे ही रैली कलेक्टोरेट गेट पहुंची, पुलिस और प्रशासन ने ट्रैक्टरों को बाहर ही रोक दिया गया। यहां रैली में शामिल‌‌ लोगों ने गेट पर लगी बैरिकेडिंग को हटा दिया और गेट खोलकर अंदर दाखिल हो गए। वहां उन्होंने जोरदार नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। इस दौरान कलेक्टरेट गेट पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकतार्ओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कलेक्ट्रेट के अंदर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और धरना दिया। इसके बाद एडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। 

यह है मांगे 

1.जिले के किसानों की सोयाबीन की फसल 70 प्रतिशत खराब हो चुकी है। सरकार तत्काल मुआवजा दिलाए।
2.फसल बीमा की राशि किसानों के खाते में तुरंत डलवाए। बीमा कंपनी में जो विसंगतियां है, उससे दूर करें। बीमा कंपनी अभी तक खेतों में नहीं पहुंची। सर्वे नहीं हुआ।
3.जिन किसानों के खेतों में बीमा कंपनी नहीं पहुंची एवं सर्वे करवाकर, उनको भी तत्काल लाभ दिया जाए।
4.खाद की समस्या है। बार बार खाद की किल्लत हो रही है। हर पंचायत स्तर पर है खाद की व्यवस्था की जाए।
5.वर्तमान में प्याज के भाव गिरते ही जा रहे है। किसान को लागत तक नहीं मिल पा रही है। इसलिए सरकार तत्काल खरीदी चालू करें। 15 रूपये किलो प्याज किसानों के खरीदे।
6.आने वाले समय में फसल में पाणत करने के लिए बिजली की आवश्यकता बनेगी। हर वर्ष ट्रांसफार्मर की समस्या रहती है। ट्रांसफार्मर या तो खराब हो जाते। जल जाते है और काफी समय तक उन्हें बदला नहीं जाता है। हर ग्रेड स्तर पर ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की जाए ताकि किसानों को परेशानी न हो और जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़े।