नल जल योजना के नाम पर ठेकेदार ने कर दिया खेला!, जनसुनवाई में कलेक्टर को झूठी जानकारी दे गए phe अधिकारी भूरिया, 95 लाख की नल जल योजना हो गई फेल, कही टोंटियां नहीं तो कही स्टैंड अधूरे

नल जल योजना के नाम पर ठेकेदार ने कर दिया खेला!, जनसुनवाई में कलेक्टर को झूठी जानकारी दे गए phe अधिकारी भूरिया, 95 लाख की नल जल योजना हो गई फेल, कही टोंटियां नहीं तो कही स्टैंड अधूरे

रतलाम। केन्द्र सरकार और राज्य की योजना मध्यप्रदेश सरकार और मंत्रीजी के वादें घोषणाओं व प्रचार प्रसार तक ही सिमट कर रह गये है। ग्रामवासियो को हर रोज पीने का पानी देने का वादा केवल वादा बनकर रह गया है। इन सबके बीच अधूरे कार्य को शिकायत सरपंच ने जनसुनवाई में शिकायत हुई तो phe अधिकारी ने कलेक्टर को झूठ परोस कर मामले को रफा दफा करना चाहा। वही ठेकेदार द्वारा 3 साल में भी कार्य पूरा नहीं किया गया। जिससे ग्रामीण परेशान हो रहे हे।

ऐसा ही मामला रतलाम जनपद की ग्राम पंचायत अमलेटा का है जहां जहां के हाल बहुत खराब है। यहा 95 लाख की नल जल मिशन योजना में  ठेकेदार और पीएचई अधिकारी अधुरी पढ़ी योजना को कागजों में पूर्ण दिखाकर अपने नम्बर बढ़ाते हैं और वाह वाही लुट रहे हैं जिसकी जमीनी हकीकत कुछ और है।

इन लाखों करोड़ों की योजना को राजनीतिक में रसुख रखने वालें भाजपा से जुड़े ठेकेदार भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा देते हैं। मामला जनसुनवाई में ग्राम पंचायत अमलेटा के सरपंच विरेन्द्र सिंह ने जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायत की कि उनके पंचायत में  नल योजना में प्राची कंस्ट्रक्शन कंपनी और सलोनी कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक और ठेकेदार  अनिल पोरवाल व उनकी पत्नी के नाम है जो भाजपा की राजनीतिक करते हैं और राजनीतिक रसुख रखतें हैं साथ ही ईनके परिवार के बड़े नेता मनोहर पोरवाल नेता, शहर विधायक और मंत्री चैतन्य काश्यप के करीबी हैं ग्राम पंचायत अमलेटा में घर घर कनेक्शन जोड़ने के बाद उसमें टोंटियां नहीं लगाई, नहीं स्टेड बनाए गए। जिसका आरोप स्वयं पंचायत के सरपंच विरेन्द्र सिंह राठौर व ग्रामीण लोगों ने जनसुनवाई में आवेदन देकर लगायें है । बड़ी बात जिसकी वजह से पंचायत में नल जल योजना आज भी अधुरी पढ़ी है और ओवरहैड टैंक और पाइपलाइन का काम भी अधुरा है। जगह जगह से पाइप लाइन फुटी पड़ी है जिसकी शिकायत पंचायत सरपंच और ग्रामीणों ने पीएचसी विभाग के अधिकारी व इंजीनियर को भी की थी लेकिन उक्त अधिकारी कुर्सियों से इतना प्रेम है कि उठकर जमीनी हकीकत देखने तक नहीं पहुंचते और यहां तक अधिकारियों को भी ग़लत जानकारी देकर कार्य पूर्ण बताये जातें हैं जिसका खामियाजा ग्रामीणों को उठाना पड़ता है।  जो आज भी पानी के लिए तरस रहे हैं अब देखना होगा कि नवागत कलेक्टर मिशा सिंह ग्रामीणों को राहत और  पानी की सुविधा कब तक उपलब्ध करवाती है और ठेकेदार पर क्या कार्यवाही करती है ।

फिलहाल 7 दिन का आश्वासन कलेक्टर मिशा सिंह ने दिया है जब इस पूरे मामले में phe अधिकारी भूरिया से जान लेना चाही तो पहले तो उन्होंने आनाकानी की और फिर उन्होंने भी जावरा फील्ड में होना बताया और कहां कि ठेकेदार पोरवाल की दो कंपनियां हैं हम कार्य अधुरा रहने पर उसे ब्लेक लिस्ट कर देते हैं तो वह प्राची कंस्ट्रक्शन कंपनी की जगह दूसरी सलोनी कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से टेंडर भर देते हैं जो उनकी पत्नी के नाम है । 
वहीं इस मामले में ठेकेदार का कहना हे कि उनके द्वारा कार्य पूर्ण कर दिया गया है। इंजीनियर का कहना है कि काम लंबे समय से अधूरा हे और ठेकेदार पर पेनल्टी भी लगाई गई हैं। फिलहाल में फील्ड में हु बाकी जानकारी बड़े साहब से ले लो।