चंद्रयान-3 की सफल लेंडिंग के लिए योगीन्द्र सागर महाविद्यालय मैं प्रार्थना हुई

चंद्रयान-3 की सफल लेंडिंग के लिए योगीन्द्र सागर महाविद्यालय मैं प्रार्थना हुई

रतलाम। चंद्रमा पर भारत द्वारा भेजे गए चंद्रयान-3 की सफलता के लिए श्री योगीन्द्र सागर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, रतलाम  के समस्त छात्रों एवं शिक्षकों द्वारा शूभकामना दी गई । भारत का तीसरा मून मिशन (चंद्रयान-3) सफल हो इसलिए महाविद्यालय के संस्थापक श्री गोपाल प्रसाद शर्मा (टंच) और वाइस चेयरमैन श्री उमेश शर्मा ने भी तिरुपति बालाजी मंदिर, आंध्र प्रदेश में विधिवत पूजा अर्चना के साथ प्रार्थना की  ।

इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर मे कार्यक्रम आयोजित कर के प्रो॰ दीपक शर्मा द्वारा बताया गया की भारत के वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत का परिणाम  ही है की आज हमारा देश विश्व पटल पर  इतिहास रचने जा रहा  हैं । महाविद्यालय के डीन एडमिन प्रो॰ अंजली वर्मा ने कहा कि भारत दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला और चांद पर उतरने वाला अमेरिका, रूस और चीन के बाद विश्व का चौथा देश बनने जा रहा है एवं डीन एकेडमिक प्रो॰गोविंद झंवर  ने बताया कि  भारत की 'रॉकेट वूमन' के नाम से मशहूर लखनऊ की बेटी डॉ. रितु कारिधाल को इसरो ने चंद्रयान-3 की लैंडिंग की जिम्मेदारी सौंपी है साथ ही संस्था  के सहसंचालक श्री वरदान शर्मा सर ने बताया कि यह वो क्षण है जो हम सब भारतवासियों के लिए गौरवान्वित करने वाला होगा ओर इस सफल परिक्षण के बाद ‘विक्रम’ लैंडर से हमारा प्रज्ञान-रॉबर बाहर आएगा और 14 दिन तक चन्द्रमा पर रहकर सारी जानकारी हमारे वैज्ञानिकों को प्राप्त होगी। योगीन्द्र सागर इंस्टिट्यूट, रतलाम  परिवार कि ओर से विभाग इंचार्ज प्रो. प्रियंका भंडारी, प्रो. गुलफशा सिद्दीकी उपस्थित रहे और अंत में प्राचार्य डॉ. आनंद त्रिवेदी ने आभार मान कर यह  शुभकामना दी कि भारत का चंद्रयान- 3 मील का पत्थर बने और एक नया इतिहास रचे